मुगलसराय सर्किल में फेरबदल: PDDU नगर से विदा हुए CO कृष्ण मुरारी शर्मा, अरुण कुमार सिंह नए क्षेत्राधिकारी
पीडीडीयू नगर के सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा का तबादला यातायात विभाग में हो गया है। उनके कार्यकाल में धपरी शिवलिंग प्रकरण और कई बड़ी चोरियों का सफल खुलासा हुआ। अब नए सीओ अरुण कुमार सिंह के सामने अपराधियों पर नकेल कसने की बड़ी चुनौती है।
कृष्ण मुरारी शर्मा का शानदार कार्यकाल
धपरी शिवलिंग प्रकरण का शांतिपूर्ण समाधान
रात 3 बजे तक नियमित गश्त
अपराधियों में खौफ, जनता में भरोसा
नए सीओ से अपराध नियंत्रण की उम्मीद
चंदौली जिले में साल के पहले दिन किए गए फेरबदल के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (पीडीडीयू नगर) के क्षेत्राधिकारी (CO) कृष्ण मुरारी शर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें अब सीओ यातायात (Traffic) बनाया गया है, जबकि उनकी जगह अरुण कुमार सिंह नए सीओ के रूप में कमान संभालेंगे। कृष्ण मुरारी शर्मा का कार्यकाल क्षेत्र में उनकी निष्पक्ष कार्यशैली और जटिल मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।
संवेदनशील मामलों में दिखाया धैर्य
सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि धपरी शिवलिंग प्रकरण को माना जाता है। इस बेहद संवेदनशील और सांप्रदायिक रूप से चुनौतीपूर्ण मामले को उन्होंने अपनी सूझबूझ से शांतिपूर्ण तरीके से हल कराया। इसके अलावा, सरने गांव की एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने में उनकी सक्रिय भूमिका ने जनता का दिल जीत लिया। मुगलसराय क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों के खुलासे में भी उन्होंने तकनीकी और जमीनी इंटेलिजेंस का बेहतरीन उपयोग किया।
जनता के लिए रहते थे आसानी से उपलब्ध
क्षेत्र के लोगों के अनुसार, सीओ शर्मा एक ऐसे अधिकारी रहे जिन्होंने पुलिस की छवि को जनता के बीच सुधारा। वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करते थे। वहीं, रात के वक्त उनकी कार्यशैली बिल्कुल अलग होती थी। वे रात 10 बजे से भोर 3 बजे तक खुद सड़कों पर उतरकर नियमित गश्त करते थे, जिससे अपराधियों में दहशत का माहौल बना रहता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे एक सख्त, निष्पक्ष और पूरी तरह से जनता-हितैषी अधिकारी साबित हुए।
मुगलसराय कोतवाली के हत्याकांड की चुनौती
एक तरफ जहाँ सीओ शर्मा की तारीफ हो रही है, वहीं मुगलसराय कोतवाली के वर्तमान हालात पर सवाल भी उठ रहे हैं। चर्चा है कि स्थानीय एसएचओ (SHO) बढ़ते अपराधों को रोकने में नाकाम रहे हैं, जिसका खामियाजा अब पुलिस की छवि को भुगतना पड़ रहा है। थानों में दर्जनों आपराधिक मामले लंबे समय से लंबित हैं। जानकारों का कहना है कि कोतवाल की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में अपराध ग्राफ बढ़ा है।
नए सीओ से बढ़ी उम्मीदें
अब नए सीओ अरुण कुमार सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती लंबित मामलों का निस्तारण और निष्क्रिय पड़े पुलिस कर्मियों को सक्रिय करना है। जनता को उम्मीद है कि जिस तरह कृष्ण मुरारी शर्मा ने सामाजिक और विवादित मामलों को सुलझाने में महारथ हासिल की थी, नए सीओ भी उसी पदचिह्न पर चलकर अपराधियों पर नकेल कसेंगे। अब देखना यह होगा कि क्या नए सीओ के निर्देशन में नाकाम कोतवाल अपनी कार्यशैली में सुधार कर पाएंगे।