चंदौली में कोडीन सिरप घोटाला, इन 2 फर्मों पर मुगलसराय कोतवाली में FIR
कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार का मामला
औषधि निरीक्षक बृजेश कुमार मौर्य ने दर्ज करायी FIR
मुगलसराय कोतवाली में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई शुरू
दिल्ली की मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज ने किया था सप्लाई
जानिए और किन लोगों पर होगा एक्शन
चंदौली जिले में कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार का गंभीर मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने इस संदर्भ में कार्रवाई करते हुए औषधि निरीक्षक बृजेश कुमार मौर्य के माध्यम से मुगलसराय कोतवाली में FIR दर्ज कराने की सिफारिश की है। मामला फर्मों द्वारा कूटरचित बिलों के आधार पर कोडीनयुक्त औषधियों के गैरचिकित्सकीय और नशे के उद्देश्य से बिक्री से जुड़ा है।
सूचना के अनुसार, दिल्ली स्थित मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज ने 25 अगस्त 2025 से 14 अक्टूबर 2025 के बीच कुल 2,32,400 बोतल Eskul Syrup (100ml) चंदौली स्थित मेसर्स सिंह मेडिकोज को सप्लाई की। विभाग ने आरोप लगाया कि यह पूरा लेन-देन फर्जी बिलों के माध्यम से किया गया, जिससे फर्मों को अवैध लाभ हुआ।
7 नवंबर को निरीक्षण के दौरान मेसर्स सिंह मेडिकोज बंद पाई गई। दुकान पर कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं था और मोबाइल नंबर भी बंद मिला, जिससे संपर्क नहीं हो सका। मौके पर स्थलीय आख्या तैयार की गई और औषधि अधिनियम की धारा 22(1)(d) के तहत फर्म के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई। निरीक्षण रिपोर्ट, GPS लोकेशन और फोटो मुख्यालय को भेजे गए।
कोडीन एक नारकोटिक दवा है, जिसका उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर ही किया जा सकता है। विभाग ने आरोप लगाया कि फर्म ने इसे गैरचिकित्सकीय एवं नशे के उद्देश्य से अवैध रूप से बेचा। फर्मों ने विक्रय अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए और अधिकारियों के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की।
इस मामले में नागेन्द्र कुमार सिंह, मेसर्स सिंह मेडिकोज के प्रोपराइटर, और विशाल उपाध्याय, मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर के खिलाफ औषधि अधिनियम 1940 और संबंधित नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में FIR दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। विभाग ने कहा कि दोनों फर्मों ने कूटरचना कर फर्जी बिलों का प्रयोग किया और क्रय-विक्रय अभिलेख प्रस्तुत न कर अपराध को छुपाने का प्रयास किया।
इस संदर्भ में मुगलसराय कोतवाली में BNS की धारा 206(a), 271, 276, 218(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। प्रशासन की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि चन्दौली में नशे की दवाओं के अवैध व्यापार पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।