कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में अब होगी कुर्की, इन 4 आरोपियों पर BNSS धारा 84 की कार्यवाही
चंदौली के मुगलसराय में कोडीनयुक्त कफ सिरप से जुड़े गंभीर मामले में पुलिस ने FTC-1 कोर्ट के आदेश पर 4 आरोपियों के खिलाफ BNSS की धारा 84 के तहत बड़ी कानूनी कार्यवाही की है। जानिए इस पूरे मामले की पूरी अपडेट।
चंदौली कफ सिरप मामले में पुलिस कार्यवाही
FTC-1 कोर्ट के आदेश पर BNSS कार्यवाही
मुगलसराय पुलिस टीम की बड़ी सफलता
वाराणसी के चार आरोपियों पर कसता शिकंजा
एनडीपीएस एक्ट और BNS में दर्ज मामला
चंदौली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। कोडीनयुक्त कफ सिरप से जुड़े एक चर्चित मामले में मुगलसराय पुलिस ने प्रभावी और सख्त कदम उठाया है। यह पूरी कार्यवाही माननीय न्यायालय FTC-1 चंदौली के निर्देश पर की गई है। न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए पुलिस प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत चारों आरोपियों पर नियमानुसार कानूनी शिकंजा कस दिया है।
1 अक्टूबर 2026 को कोर्ट ने जारी किया था आदेश
मिली जानकारी के मुताबिक, दिनांक 01 अक्टूबर 2026 को माननीय न्यायालय FTC-1 चंदौली द्वारा मुकदमा अपराध संख्या 570/2025 और 571/2025 में यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया था। इन दोनों ही मुकदमों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के साथ-साथ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस की इस कार्यवाही से कफ सिरप के अवैध धंधे में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है।
कौन हैं वे 4 आरोपी जिनके नाम आए सामने?
इस पूरे मामले में जिन चार आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसा गया है, वे वाराणसी जिले से ताल्लुक रखते हैं। इनमें पहला नाम शुभम जायसवाल पुत्र भोला जायसवाल, निवासी कायस्थ टोला, प्रहलाद घाट, थाना जैतपुरा, वाराणसी का है। इसके अलावा प्रशांत कुमार कसेरा पुत्र राम कुमार कसेरा, उनकी पत्नी अंजली रानी कसेरी निवासी हबीबपुरा, थाना चेतगंज, वाराणसी और आकाश गुप्ता पुत्र नंदलाल गुप्ता, निवासी औसानगंज, रानी फाटक, थाना जैतपुरा, वाराणसी के नाम इस प्रकरण में शामिल हैं।
विवेचना सेल की टीम ने पूरी की कानूनी प्रक्रिया
न्यायालय के निर्देशों का पालन कराने के लिए चंदौली पुलिस की विवेचना सेल की विशेष टीम पूरी मुस्तैदी से जुटी रही। इस टीम में उपनिरीक्षक विमलेश कुमार मौर्य, उपनिरीक्षक मनोज कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश मौर्य और हेड कांस्टेबल दिनेश यादव शामिल रहे।
साथ ही मुगलसराय थाने से उपनिरीक्षक रामकेर यादव की भी इसमें प्रमुख भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोडीनयुक्त कफ सिरप से जुड़े इस मामले में नियमानुसार आगे की विधिक प्रक्रिया जारी रहेगी।