अलीनगर में हाईवे पार करना बना मौत का खतरा, स्कूली बच्चों की जान हर दिन जोखिम में
1️हाईवे पार करते बच्चे रोज जोखिम में
2️ अंडरपास न होने से बढ़ता खतरा
3️ 10–12 गांवों की आवाजाही प्रभावित
4️ पूर्व में हो चुके कई दर्दनाक हादसे
5️ डीएम से मौके के निरीक्षण की मांग
चंदौली जिले के अलीनगर थाना अंतर्गत पचफेड़वा के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर राहगीरों और स्कूली बच्चों की जान हर दिन खतरे में पड़ी हुई है। यहां अंडरपास या फुटओवर ब्रिज की सुविधा न होने के कारण लोगों को मजबूरी में तेज रफ्तार वाहनों के बीच से हाईवे पार करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोजाना जान हथेली पर रखकर सड़क पार करनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से करीब 10 से 12 गांवों के लोग आवाजाही करते हैं। स्कूल, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए उन्हें इसी हाईवे को पार करना होता है। सुबह और दोपहर के समय जब बच्चे स्कूल जाते और लौटते हैं, तब स्थिति और भी भयावह हो जाती है। भारी वाहनों की तेज रफ्तार और अचानक ब्रेक लगने की घटनाएं यहां आम हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में इसी स्थान पर कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने कई बार अंडरपास या सुरक्षित क्रॉसिंग की मांग की, लेकिन फाइलों में मामला अटका हुआ है।
स्थानीय अभिभावकों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि उनके बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। उनका कहना है कि अगर समय रहते यहां अंडरपास या फुटओवर ब्रिज नहीं बनाया गया तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा होना तय है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ग्रामीण सुरेश चंद्र. इलियास अहमद. सुभाष सोनकर. अजय यादव. शहजाद. अमित सिंह. राहुल मिश्रा ने जिलाधिकारी से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि डीएम साहब यदि खुद मौके का निरीक्षण करें तो स्थिति की गंभीरता समझ में आ जाएगी। लोगों की एक ही अपील है कि मासूम बच्चों और राहगीरों की जान की कीमत पर लापरवाही न हो और जल्द से जल्द यहां सुरक्षित पारगमन की व्यवस्था की जाए।