DRM उदय सिंह मीना का बड़ा एक्शन: DDU जंक्शन के पास अवैध कब्जे ढहेंगे, स्टेशन तक बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था
पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन के पास रेलवे भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। डीआरएम के निरीक्षण के बाद, अवैध कब्जे हटाकर फोरलेन सड़क, पार्किंग और सुंदरीकरण कार्य को हरी झंडी दे दी गई है।
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर डीडीयू जंक्शन होगा अतिक्रमण मुक्त
गंजी प्रसाद तिराहे से स्टेशन तक बनेगी फोरलेन सड़क
प्रतिदिन गुजरने वाली ढाई सौ ट्रेनों के यात्री पाएंगे जाम से राहत
डीआरएम उदय सिंह मीना ने किया जंक्शन क्षेत्र का पैदल निरीक्षण
सुंदरीकरण, हरित क्षेत्र विकास और बेहतर जल निकासी व्यवस्था की कार्ययोजना तैयार
चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन के आस-पास पिछले कई वर्षों से पैर पसारे अवैध अतिक्रमण पर अब रेलवे प्रशासन अंतिम और बेहद सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। रेलवे बोर्ड से प्राप्त स्पष्ट निर्देशों के बाद, जंक्शन के ठीक सामने तथा इसके दक्षिण दिशा वाले हिस्से में स्थित रेलवे की बेशकीमती भूमि को पूरी तरह खाली कराने का फैसला लिया गया है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से एक व्यापक और बड़ा अभियान चलाया जाएगा। रेलवे के उच्च अधिकारियों ने दो टूक लहजे में साफ कर दिया है कि केंद्रीय रेलवे भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लाखों यात्रियों को रोज़ाना होने वाली दिक्कतों से मिलेगी मुक्ति
डीडीयू जंक्शन देश के सबसे व्यस्ततम और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों की सूची में शीर्ष स्थानों पर आता है। यहाँ के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रतिदिन पैसेंजर और लोकल ट्रेनों से करीब 20 से 30 हजार यात्री सफर करते हैं, जबकि लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलाकर लगभग 250 ट्रेनें यहाँ से रोजाना गुजरती हैं। इन ट्रेनों के माध्यम से हर दिन तकरीबन 2.25 लाख यात्री देश के विभिन्न महानगरों और राज्यों की तरफ आते-जाते हैं। इतनी बड़ी संख्या के बावजूद स्टेशन परिसर के ठीक बाहर बेतरतीब फैले अतिक्रमण के चलते लंबे समय से गंभीर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि यात्री इस भारी जाम में फंसकर अपनी ट्रेन तक नहीं पकड़ पाते हैं। इस संबंध में लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए अब शीर्ष स्तर से त्वरित कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई है।
गंजी प्रसाद तिराहे से बनेगा नया फोरलेन मार्ग और सुव्यवस्थित ड्रेनेज
रेलवे प्रशासन डीडीयू जंक्शन क्षेत्र को एक आधुनिक, साफ-सुथरा और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। स्टेशन को नया लुक देने के लिए गंजी प्रसाद तिराहे से लेकर जंक्शन के द्वितीय प्रवेश द्वार तक एक बेहतरीन फोरलेन सड़क बनाने की योजना बनाई गई है। इस नई फोरलेन सड़क के बन जाने से यात्रियों को बिना किसी रुकावट के सीधे स्टेशन तक पहुंचने में बहुत बड़ी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, यात्रियों के सुगम निकास के लिए एक बिल्कुल अलग मार्ग विकसित किया जा रहा है। इस समानांतर मार्ग के निर्माण से स्टेशन के बाहर लगने वाले पारंपरिक जाम से आम जनता को हमेशा के लिए राहत मिलने की पूरी उम्मीद जताई गई है।
डीआरएम ने खुद किया साउथ साइड का पैदल निरीक्षण, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
इसी महत्वाकांक्षी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए खुद मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) उदय सिंह मीना ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डीडीयू जंक्शन के साउथ साइड क्षेत्र का गहन जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन के ठीक सामने फैले अतिक्रमण की वर्तमान स्थिति की बारीकी से समीक्षा की और मातहतों से विस्तृत जानकारी ली। इसके उपरांत, डीआरएम ने मुख्य मार्ग से लेकर स्टेशन के एंट्री पॉइंट तक स्वयं पैदल भ्रमण किया और वहाँ मौजूद सड़क, नाला, पार्किंग, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का प्रत्यक्ष जायजा लिया। डीआरएम ने संबंधित अभियंताओं को जर्जर हो चुकी सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने तथा यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश जारी किए।
जंक्शन क्षेत्र का कायाकल्प: सुंदरीकरण और हरित विकास पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि नई यातायात व्यवस्था लागू होने के बाद डीडीयू स्टेशन क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। रेलवे प्रशासन केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जंक्शन के आस-पास के संपूर्ण क्षेत्र का सुंदरीकरण भी करेगा। इसके तहत हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) का विकास किया जाएगा, सड़क किनारे सघन पौधरोपण होगा और आधुनिक पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। जल भराव की समस्या को दूर करने के लिए जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था को दुरुस्त करने और उपलब्ध रेलवे संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) कुलदीप, वरीय मंडल अभियंता समन्वय सूरज कुमार समेत रेलवे के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।