DDU जंक्शन पर नशेड़ियों का खूनी तांडव: लाठी-डंडों से चले वार, आरपीएफ और जीआरपी की सुरक्षा पर उठे सवाल

डीडीयू जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में बुधवार शाम नशेड़ियों के दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। लाठी-डंडों के प्रहार से इलाके में दहशत फैल गई। इस घटना ने रेलवे परिसर में यात्रियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

डीडीयू जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में खूनी मारपीट

नशेड़ियों के "मोहल्ला-1" और "मोहल्ला-2" के बीच भिड़ंत

यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों में फैली भारी दहशत

आरपीएफ और जीआरपी पर नशेड़ियों को संरक्षण देने का आरोप

पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ की 151 की कार्रवाई

चंदौली: पूर्व मध्य रेलवे के सबसे व्यस्ततम स्टेशनों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में बुधवार की शाम सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं। यहाँ नशे में धुत असामाजिक तत्वों के दो गुटों के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ा कि मामला खूनी संघर्ष तक पहुँच गया। बीच सड़क पर लाठी-डंडे चलने और खूनखराबा होने से स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों और दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई।

"मोहल्ला-1" और "मोहल्ला-2" के बीच छिड़ी जंग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डीडीयू जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया (जिसे स्थानीय लोग नशेड़ियों का 'मोहल्ला-1' कहते हैं) और आरआरआई केबिन के पास के क्षेत्र (मोहल्ला-2) के बीच वर्चस्व की लड़ाई लंबे समय से चल रही है। बुधवार शाम किसी मामूली बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। दोनों तरफ से युवक लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े, जिससे पूरा इलाका रणक्षेत्र जैसा नजर आने लगा।

दहशत में आए यात्री, सुरक्षाकर्मी दिखे बेबस
जिस समय यह खूनी खेल चल रहा था, स्टेशन पर सैकड़ों यात्री मौजूद थे। अचानक हुई मारपीट को देख यात्री अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे। आरोप है कि मौके पर मौजूद रेलवे पुलिस के जवान स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय असहाय नजर आए। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि स्टेशन परिसर अब अपराधियों और नशेड़ियों का सुरक्षित अड्डा बन गया है, जहाँ आम आदमी का चलना भी दूभर हो गया है।

जीआरपी और आरपीएफ पर गंभीर आरोप
स्थानीय नागरिकों ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि इन नशेड़ियों पर कार्रवाई इसलिए नहीं होती क्योंकि पुलिस इनसे लावारिस लाशों को ढोने जैसे छोटे-मोटे काम कराती है। इसके अलावा, यात्रियों के सामान की चोरी, कोयला और लोहा चोरी जैसी घटनाओं में भी इन गिरोहों की संलिप्तता की बात सामने आती रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।

पुलिसिया कार्रवाई और अधिकारियों का रुख
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन के रवैये को लेकर आक्रोश है। आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक ने इस मुद्दे पर फोन नहीं उठाया। वहीं, जीआरपी प्रभारी के सहयोगी के अनुसार, मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से कुल पांच लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत चालान किया गया है, जिन्हें न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा।

अब सवाल यह उठता है कि क्या केवल 151 की साधारण कार्रवाई से डीडीयू जंक्शन पर कानून का खौफ कायम हो पाएगा? यात्रियों ने जिला प्रशासन और रेलवे बोर्ड से मांग की है कि स्टेशन परिसर को नशा मुक्त बनाया जाए और यहाँ सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाए।