डीआरएम उदय सिंह मीना ने किया यार्ड का निरीक्षण, सुरक्षा और शंटिंग कार्यों का लिया जायजा।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर रविवार को मंडल रेल प्रबंधक (DRM) उदय सिंह मीना ने यार्ड क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने अप डिपार्चर यार्ड और रिलीफ लाइन में चल रहे कार्यों का जायजा लेते हुए सुरक्षा (संरक्षा) और संचालन व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश दिए।
डीडीयू जंक्शन के यार्ड क्षेत्र का सघन निरीक्षण
डीआरएम उदय सिंह मीना द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
अप डिपार्चर यार्ड- लाइन संख्या 1 का सीधा जायजा
शंटिंग मूवमेंट के दौरान 100% संरक्षा मानकों का पालन
रिलीफ लाइन में स्लीपर रिन्यूअल कार्य की प्रगति की जांच
भारतीय रेलवे के अति व्यस्त और महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर रविवार को रेलवे संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम निरीक्षण किया गया। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री उदय सिंह मीना ने संबंधित शाखा अधिकारियों के साथ स्टेशन के यार्ड क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेनों के सुरक्षित और सुचारू संचालन को लेकर जमीनी हकीकत परखी और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
अप डिपार्चर यार्ड और शंटिंग कार्यों पर पैनी नजर
निरीक्षण के दौरान डीआरएम उदय सिंह मीना ने विशेष रूप से 'अप डिपार्चर यार्ड- लाइन संख्या 1' और वहां चल रही गतिविधियों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने यार्ड में हो रहे शंटिंग मूवमेंट (ट्रेनों को एक लाइन से दूसरी लाइन पर ले जाने की प्रक्रिया) का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे शंटिंग की सभी प्रक्रियाओं को पूरी सतर्कता और रेलवे के तय संरक्षा (Safety) मानकों के अनुरूप ही संपन्न करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि शंटिंग कार्य के दौरान प्रत्येक मूवमेंट पर सतत और पैनी निगरानी रखना अत्यंत आवश्यक है।
रिलीफ लाइन में स्लीपर रिन्यूअल की हुई समीक्षा
इसके अलावा, मंडल रेल प्रबंधक ने जंक्शन की 'रिलीफ लाइन' में चल रहे स्लीपर रिन्यूअल (Sleeper Renewal) कार्य और वहां के आवागमन का भी सघन निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यस्थलों पर अपनाए जा रहे संरक्षा प्रोटोकॉल, कार्य की गुणवत्ता और विभागीय समन्वय व्यवस्था की गहन समीक्षा की। काम में जहां भी सुधारात्मक कदमों की आवश्यकता महसूस हुई, वहां त्वरित निर्देश दिए गए।
'संरक्षा और दक्षता रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता'
निरीक्षण के अंतिम चरण में संभावित कमियों की पहचान करने पर विशेष जोर दिया गया। डीआरएम ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि यदि कार्यप्रणाली या सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उस पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यार्ड संचालन की दक्षता और यात्रियों व रेल संपदा की संरक्षा ही रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।