DDU जंक्शन पर रेलवे का बड़ा एक्शन: 14 पेंट्री कारों में गड़बड़ी पर लगा 64 हजार का जुर्माना

 

डीडीयू जंक्शन पर रेलवे टीमों ने 14 ट्रेनों की पेंट्री कारों का औचक निरीक्षण किया। साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता में खामियां मिलने पर 64 हजार रुपये का जुर्माना ठोक दिया गया। यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई होगी।

 
 

डीडीयू जंक्शन पर 14 पेंट्री कारों की औचक जांच

गंदगी और अनियमितता मिलने पर ₹64,000 का जुर्माना

वाणिज्य, आरपीएफ और मेडिकल टीम की संयुक्त छापेमारी

खाना बनाने और परोसने में सफाई के कड़े निर्देश

रेलवे का चेकिंग अभियान आगे भी रहेगा जारी

चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन पर यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित खाना दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार, 14 सितंबर को रेलवे की अलग-अलग टीमों ने मिलकर जंक्शन से गुजरने वाली 14 ट्रेनों की पेंट्री कारों का औचक निरीक्षण किया। इस अचानक हुई कार्रवाई से ट्रेन के पेंट्री कार कर्मचारियों और ठेकेदारों में अफरा-तफरी मच गई।

सफाई और खाने की गुणवत्ता में मिलीं भारी गड़बड़ियां
वाणिज्य, आरपीएफ, मैकेनिकल और मेडिकल विभाग की इस संयुक्त टीम ने पेंट्री कारों के अंदर रखी खाद्य सामग्री, साफ-सफाई के इंतजाम और जरूरी कागजातों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों को कई जगह रेलवे के तय मानकों की अनदेखी मिली। खाना पकाने की जगह पर गंदगी और सामग्री के रखरखाव में अनियमितता पाए जाने पर तुरंत एक्शन लिया गया।

मौके पर ही वसूला गया 64 हजार रुपये का जुर्माना
निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को देखते हुए अधिकारियों ने ढिलाई नहीं बरती और मौके पर ही पेंट्री कार संचालकों से कुल 64 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि यात्रियों को दिए जाने वाले भोजन में किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया सामान का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कर्मचारियों को व्यक्तिगत सफाई और नियमों के सख्त निर्देश
कार्रवाई के बाद पेंट्री कार के मैनेजरों और कर्मचारियों को सही ढंग से काम करने की हिदायत दी गई। टीम ने साफ कहा कि खाना पकाने और परोसने वाले स्थानों को एकदम साफ रखा जाए। साथ ही पेंट्री में काम करने वाले सभी कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें और सुरक्षित तरीके से ही खाना यात्रियों तक पहुंचाएं।

यात्रियों की सेहत के लिए आगे भी जारी रहेगी चेकिंग
रेल प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का नहीं है। यात्रियों की सुविधा, सेहत और गुणवत्तापूर्ण खान-पान को ध्यान में रखते हुए इस तरह की छापेमारी आगे भी लगातार की जाएगी। रेलवे का मुख्य मकसद ट्रेनों में मिलने वाले खाने का स्टैंडर्ड बेहतर बनाना है ताकि यात्री बेफिक्र होकर सफर कर सकें।