DDU जंक्शन रेलवे परिसर में किन्नरों और बवालियों का जमावड़ा, बैरिकेडिंग के अंदर चल रहा अवैध धंधा?

 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन परिसर में किन्नरों और संदिग्ध तत्वों के जमावड़े से यात्री परेशान हैं। बैरिकेडिंग के भीतर चल रही अवैध गतिविधियों के कारण आरपीएफ और जीआरपी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

 
 

डीडीयू जंक्शन परिसर में भारी अव्यवस्था

किन्नरों और संदिग्धों का जमावड़ा परेशान

रेलवे के सुरक्षा घेरे पर उठे सवाल

यात्रियों को हो रही भारी असहजता

नियमित पुलिस गश्त की उठी मांग

चंदौली जिले का सबसे व्यस्त पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन इन दिनों अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। रेलवे स्टेशन के परिसर में किन्नरों और अवांछनीय तत्वों का जमावड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे यहां आने-जाने वाले रेल यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि सुबह से लेकर देर शाम तक स्टेशन परिसर के अलग-अलग हिस्सों में इन तत्वों का हुजूम लगा रहता है।

सुरक्षा घेरे के अंदर ही चल रही मनमानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे परिसर में केवल किन्नर ही नहीं, बल्कि कई संदिग्ध और अवांछनीय तत्व भी हर वक्त मंडराते रहते हैं। आरोप है कि स्टेशन के मुख्य हिस्सों के भीतर कई तरह की अवैध गतिविधियां धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं। ताज्जुब की बात यह है कि रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा मजबूत करने के लिए जहां-तहां गेट और बैरिकेडिंग लगा रखी है, लेकिन लोगों का आरोप है कि इसी सुरक्षा घेरे के ठीक अंदर यह पूरा खेल चल रहा है।

देश के सबसे व्यस्त जंक्शन की साख पर सवाल
डीडीयू जंक्शन देश के सबसे व्यस्त और संवेदनशील रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है, जहां से रोजाना हजारों की संख्या में मुसाफिर अपनी मंजिलों के लिए ट्रेन पकड़ते हैं। ऐसे में स्टेशन परिसर जैसी महत्वपूर्ण जगह पर अवांछनीय तत्वों की मनमानी मौजूदगी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है। महिलाओं और सपरिवार चलने वाले यात्रियों को इस माहौल की वजह से सबसे ज्यादा असहजता और डर का सामना करना पड़ता है।

आरपीएफ और जीआरपी की चुप्पी से नाराजगी
इस पूरे मामले पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। आम नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों और पुलिस की गश्त को नियमित रूप से बढ़ाया जाए। लोगों का साफ कहना है कि अगर समय रहते इन संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ा एक्शन नहीं लिया गया, तो स्टेशन पर कोई भी बड़ी आपराधिक वारदात हो सकती है।