भारी बारिश और भीड़ के बीच DDU मंडल का कमाल, 155 ट्रेनें चलीं बिल्कुल राइट टाइम..देश भर में बना नंबर 1

 

पूर्व मध्य रेल के डीडीयू मंडल ने फिर अपना लोहा मनवाया है। श्रावणी मेले और भारी बारिश के बीच मंडल ने 1 अगस्त को 100% समयपालन के साथ 155 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें चलाकर भारतीय रेल में पहला स्थान हासिल किया।

 
 

डीडीयू रेल मंडल भारतीय रेल में समयपालन में प्रथम

भारी भीड़ और बारिश में 100% समयबद्ध संचालन

1 अगस्त को 662 ट्रेनों का हुआ सुरक्षित संचालन

आधारभूत संरचना के लिए 139 घंटे का ब्लॉक कार्य

डीआरएम उदय सिंह मीना ने पूरी टीम को दी बधाई

चंदौली जिले के पूर्व मध्य रेल अंतर्गत आने वाले पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल ने एक बार फिर भारतीय रेल में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। ट्रेनों को बिल्कुल सही समय पर चलाने (पंक्चुअलिटी) के मामले में डीडीयू मंडल ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। मौसम की मार और श्रावणी मेले की भारी भीड़ के बीच भी मंडल ने जो करके दिखाया, उसकी तारीफ पूरे भारतीय रेल में हो रही है। 1 अगस्त 2026 को मंडल ने अपनी सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को 100 प्रतिशत समय पर चलाकर यह इतिहास रचा।

एक दिन में 662 ट्रेनों का सुरक्षित और सफल संचालन
1 अगस्त को श्रावणी मेले के कारण यात्रियों का भारी दबाव था, साथ ही मानसून और पटरियों की मरम्मत का काम भी चल रहा था। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद डीडीयू मंडल से होकर गुजरने वाली सभी 155 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें अपने तय समय पर चलीं। उस दिन मंडल से कुल 662 ट्रेनों का सुरक्षित संचालन किया गया। इसमें 155 मेल-एक्सप्रेस, 90 पैसेंजर ट्रेनें और 417 मालगाड़ियां शामिल रहीं। मालगाड़ियों के संचालन में भी 208 गाड़ियों का टेकओवर और 209 का मेकओवर किया गया। इसके अलावा 29 लंबी दूरी की इंटरचेंज मालगाड़ियों का भी सफल संचालन हुआ।

ट्रेनों की रफ्तार रोके बिना पूरे किए मरम्मत के काम
आमतौर पर पटरियों या बिजली के तारों की मरम्मत के दौरान ट्रेनें लेट हो जाती हैं, लेकिन डीडीयू मंडल ने शानदार प्लानिंग दिखाई। रेलवे ने कुल 139 घंटे 40 मिनट का ब्लॉक लेकर ट्रैक, ओवरहेड बिजली के तार और अन्य जरूरी ढांचागत सुधार के काम पूरे किए। खास बात यह रही कि इतना बड़ा मेंटेनेंस का काम होने के बाद भी एक भी ट्रेन के समय पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा और ट्रेनें अपनी रफ्तार से दौड़ती रहीं।

सभी विभागों के बेहतर तालमेल से मिली ऐतिहासिक सफलता
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस बड़ी सफलता का राज अलग-अलग विभागों के बीच की शानदार ट्यूनिंग और तालमेल में छिपा है। कंट्रोल ऑफिस, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं टेलीकॉम, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, कमर्शियल और सुरक्षा टीमों ने 24 घंटे लगातार निगरानी रखी। सभी विभागों ने एकजुट होकर काम किया, जिससे इतने भारी दबाव और खराब मौसम में भी समयबद्धता, सुरक्षा और मेंटेनेंस के बीच बेहतर संतुलन बना रहा।

डीआरएम ने टीम को सराहा, यात्रियों को दिया भरोसा
इस शानदार उपलब्धि पर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) उदय सिंह मीना ने खुशी जताते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता पूरी टीम के समर्पण, अनुशासन और अपनी जिम्मेदारी को सही से निभाने का नतीजा है। उन्होंने दोहराया कि यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और सही समय पर रेल सेवा देना ही डीडीयू मंडल की पहली प्राथमिकता है। आपको बता दें कि चालू वित्तीय वर्ष में डीडीयू मंडल का मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का औसतन पंक्चुअलिटी रिकॉर्ड 90.73 प्रतिशत रहा है, जो इसकी बेहतरीन कार्यशैली को दिखाता है।