DDU मंडल में रेल हादसा के बाद बचाव के लिए NDRF संग अफसरों ने की संयुक्त मॉक ड्रिल

डीडीयू मंडल में रेलवे और एनडीआरएफ ने रेल दुर्घटना से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल किया। अभ्यास में बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार और भीड़ नियंत्रण का प्रदर्शन हुआ। मॉक ड्रिल से आपदा प्रबंधन प्रणाली और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत किया गया।
 

DDU जंक्शन पर रेल हादसे से निपटने की तैयारी परखी

NDRF और रेलवे ने किया सफल मॉक ड्रिल

रेल हादसे से निपटने की तैयारी का सफल परीक्षण

चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन मंडल में रेलवे ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के साथ मिलकर रेल दुर्घटना जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस व्यापक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की तत्काल प्रतिक्रिया की क्षमता तथा राहत एवं बचाव कार्यों में एनडीआरएफ के साथ उनके समन्वय और दक्षता का मूल्यांकन करना था।

फंसे यात्रियों का सुरक्षित बचाव

मॉक ड्रिल के दौरान, एक वास्तविक रेल हादसे की परिस्थिति निर्मित की गई। एनडीआरएफ की विशेष टीमों ने फंसे हुए यात्रियों को कम से कम समय में सुरक्षित निकालने, उन्हें प्राथमिक उपचार देने और गंभीर रूप से घायलों को स्ट्रेचर की सहायता से एंबुलेंस तक पहुँचाने जैसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन का प्रदर्शन किया। साथ ही, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने तुरंत घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर भीड़ नियंत्रण का जिम्मा संभाला, जो ऐसे समय में बहुत आवश्यक होता है।

विभागों के बीच तालमेल और भविष्य की योजना

ड्रिल के माध्यम से रेलवे कर्मियों को आपातकालीन संचार प्रणाली, उपकरणों के सही उपयोग, घटना स्थल प्रबंधन और राहत सामग्री की उपलब्धता के बारे में गहन जानकारी दी गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अभ्यास से न केवल कर्मचारियों की क्षमता बढ़ती है, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच तालमेल भी मजबूत होता है, जिससे आपदा के समय त्वरित निर्णय लिए जा सकें और अधिक जिंदगियाँ बचाई जा सकें। डीडीयू मंडल ने इस सफल परीक्षण के बाद नियमित रूप से प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल जारी रखने की बात कही है, ताकि रेल यात्रियों की सुरक्षा को उच्चतम स्तर पर सुनिश्चित किया जा सके।