DDU Railway Chain Pulling Fine:  चेन पुलिंग करने के 1336 लोग दबोचे गए, 8.44 लाख जुर्माना भी वसूला 

 

डीडीयू मंडल में जनवरी-अक्टूबर 2026 में अनधिकृत चेन पुलिंग के 1336 मामलों में कार्रवाई, ₹8,44,990 जुर्माना, गया 343, डेहरी 305 केस, धारा 141 में 1 साल तक की सजा का प्रावधान।

 
 

अनधिकृत चेन पुलिंग पर सख्ती

10 माह में 1336 कार्रवाई

₹8.44 लाख जुर्माना वसूला

गया में 343 सबसे ज्यादा

धारा 141 में 1 साल सजा

ट्रेनों के सुचारु परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में अनधिकृत अलार्म चेन पुलिंग के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल ने सख्ती बढ़ा दी है। जनवरी से अक्टूबर 2026 तक चेन पुलिंग के कुल 1336 मामलों में कार्रवाई करते हुए 8 लाख 44 हजार 990 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रेल प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि बिना उचित कारण अलार्म चेन का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे सुरक्षा बल द्वारा डीडीयू–गया, सासाराम–आरा एवं सोन नगर–गढ़वा रोड रेलखंडों पर लगातार निगरानी की जा रही है। चेन पुलिंग की घटनाओं को देखते हुए गया जंक्शन, डेहरी ऑन सोन, रफीगंज, नवीनगर और जपला स्टेशनों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

किस स्टेशन पर कितने केस?

जनवरी से अक्टूबर के बीच गया जंक्शन पर 343, डेहरी ऑन सोन पर 305, रफीगंज पर 96, नवीनगर पर 35 तथा जपला स्टेशन पर 58 लोगों को चेन पुलिंग के मामलों में पकड़ा गया। इन स्टेशनों पर कार्रवाई के दौरान क्रमशः 1,89,800 रुपये, 1,68,100 रुपये, 65,300 रुपये, 24,500 रुपये और 41,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

सबसे ज्यादा मामले गया और डेहरी ऑन सोन में सामने आए हैं। इन दोनों स्टेशनों पर ही कुल जुर्माने का बड़ा हिस्सा वसूला गया है।

ट्रेनों को होता है नुकसान

रेल प्रशासन के अनुसार, अनावश्यक चेन पुलिंग से ट्रेनों के परिचालन में बाधा उत्पन्न होती है। इससे संबंधित ट्रेन के साथ अन्य ट्रेनों के समय पर भी असर पड़ता है। यात्रियों को परेशानी होने के साथ ही रेलवे के परिचालन और संरक्षा प्रबंधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

अक्सर लोग अपने स्टेशन पर उतरने के लिए, किसी को चढ़ाने के लिए या मामूली वजह से चेन खींच देते हैं। इससे ट्रेन लेट होती है और हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।

एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान

रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित एवं पर्याप्त कारण अलार्म चेन का उपयोग करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए एक वर्ष तक का कारावास अथवा एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

रेलवे सुरक्षा बल द्वारा कार्रवाई के साथ यात्रियों को जागरूक भी किया जा रहा है। रेल प्रशासन ने अपील की है कि अलार्म चेन का उपयोग केवल वास्तविक और अपरिहार्य आपात स्थिति में ही करें। यात्रा के दौरान किसी सहायता या शिकायत के लिए रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 अथवा रेल मदद ऐप का उपयोग करें।

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अलार्म चेन जीवनरक्षा के लिए है, व्यक्तिगत सुविधा के लिए नहीं। नियमपूर्वक यात्रा करें और दूसरों की सुविधा का भी ध्यान रखें।