जैकी के रिटायर होने के बाद बेल्जियम मेलिनोइस ब्रीड का स्निफर डॉग  'राजा' संभालेगा कमान

 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में जांबाज डॉग 'जैकी' के रिटायरमेंट के बाद 'राजा' की एंट्री हो गई है। बेल्जियम मेलिनोइस नस्ल का यह प्रशिक्षित स्निफर डॉग अब 10 वर्षों तक रेलवे सुरक्षा बल के साथ घातक विस्फोटकों और अपराधियों पर नजर रखेगा।

 
 

डीडीयू मंडल आरपीएफ श्वान दस्ता अपडेट

बेल्जियम मेलिनोइस ब्रीड का 'राजा' तैनात

जैकी की सेवानिवृत्ति के बाद नई नियुक्ति

विस्फोटक और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान में माहिर

10 वर्षों तक रेलवे सुरक्षा में देगा सेवा

चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के श्वान दस्ते को एक नया और बेहद फुर्तीला साथी मिल गया है। लंबे समय तक अपनी बेहतरीन सेवाएं देने वाले जांबाज डॉग 'जैकी' के सेवानिवृत्त होने के बाद, अब 'राजा' को आधिकारिक तौर पर दस्ते में शामिल कर लिया गया है। यह नई नियुक्ति आगामी 10 वर्षों के लिए की गई है, जिसके दौरान राजा डीडीयू मंडल के विभिन्न सुरक्षा अभियानों और चेकिंग अभियानों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बेल्जियम मेलिनोइस ब्रीड का है 'राजा'
डीडीयू मंडल के कमांडेंट दिनेश सिंह तोमर ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि 'राजा' एक उच्च प्रशिक्षित स्निफर डॉग है। इसकी ब्रीड 'बेल्जियम मेलिनोइस' है, जो अपनी असाधारण सूंघने की क्षमता, बुद्धिमत्ता और शारीरिक फुर्ती के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इस नस्ल के कुत्तों का इस्तेमाल अक्सर सेना और एलीट सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विस्फोटक ढूंढने और संदिग्धों को पकड़ने के लिए किया जाता है। राजा का जन्म 23 अक्टूबर 2024 को हुआ था, और छोटी उम्र से ही उसकी ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया गया।

दिल्ली में मिला कड़ा प्रशिक्षण
राजा को उसकी पोस्टिंग से पहले दिल्ली स्थित आरपीएफ के विशेष प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया था। वहां उसे विस्फोटक पदार्थों, नशीली वस्तुओं और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस कठोर ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, 16 अप्रैल 2025 को उसे पीसीएससी/आरपीएफ के माध्यम से डीडीयू मंडल के लिए आवंटित किया गया। अब राजा ने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है और वह रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्मों, यात्री ट्रेनों और संवेदनशील रेलवे परिसरों में नियमित निगरानी करेगा।

रेलवे सुरक्षा का अहम हिस्सा है श्वान दस्ता
रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में श्वान दस्ता (Dog Squad) एक रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करता है। कमांडेंट दिनेश सिंह तोमर के अनुसार, ये मूक सिपाही न केवल चोरी और तस्करी जैसी आपराधिक घटनाओं के खुलासे में मदद करते हैं, बल्कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विस्फोटक सामग्री की पहचान कर किसी भी बड़ी अनहोनी को टालने में सक्षम होते हैं। जैकी ने अपने 10 साल के कार्यकाल में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की थीं, और अब विभाग को उम्मीद है कि 'राजा' भी अपनी दक्षता और फुर्ती के दम पर सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

यात्रियों की सुरक्षा होगी और भी मजबूत
डीडीयू जंक्शन जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर राजा की तैनाती से यात्रियों की सुरक्षा और भी सुदृढ़ होने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि बेल्जियम मेलिनोइस ब्रीड की सक्रियता अपराधियों के हौसले पस्त करने में कारगर साबित होगी। राजा की तैनाती के साथ ही डीडीयू मंडल के श्वान दस्ते की कार्यक्षमता में इजाफा हुआ है, जिससे रेल संपत्तियों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आरपीएफ को बड़ी बढ़त मिलेगी।