दवा कारोबारी रोहिताश पाल हत्याकांड में पुलिस की नकेल कसने पहुंचे DIG वैभव कृष्ण, जानिए कैसा था मौके का नजारा
दवा कारोबारी रोहिताश पाल हत्याकांड
डीआईजी वैभव कृष्ण भारी फोर्स के साथ चंदौली पहुंचे
घटनास्थल और एस्केप रूट्स का किया गहन निरीक्षण
चंदौली जिले के मुगलसराय में दवा कारोबारी रोहिताश पाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की जांच में शनिवार को उस वक्त और तेजी आ गई, जब डीआईजी वैभव कृष्ण भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ चंदौली के पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सीधे घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
डीआईजी वैभव कृष्ण ने घटनास्थल, आसपास की गलियों और संभावित एस्केप रूट्स (भागने के मार्गों) का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने हत्या की वारदात को अंजाम देने के तरीके, अपराधियों के संभावित मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न बिंदुओं को गंभीरता से परखा। डीआईजी ने खास तौर पर उन संकरे मार्गों पर फोकस किया, जिनके जरिए अपराधियों के वारदात के बाद भागने की आशंका है। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन रूट्स पर केंद्रित होकर सुराग तलाशे जाएं।
सुराग तलाशने के लिए विशेष टीमें सक्रिय
हत्या के सुराग तलाशने और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इन टीमों में सर्विलांस यूनिट, सर्विलांस सेल, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल हैं। ये संयुक्त टीमें मोबाइल लोकेशन डेटा, घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों की गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर रही हैं।
डीआईजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। पुलिस हर छोटे से छोटे सुराग पर तेजी से काम कर रही है ताकि जल्द से जल्द मामले का खुलासा हो सके।