पूर्व मध्य रेल में अमृत भारत स्टेशन योजना के कार्यों में आएगी तेजी, GM डिम्पी गर्ग ने दिए सख्त निर्देश

 

पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने हाजीपुर मुख्यालय में अमृत भारत स्टेशन योजना की समीक्षा की। 97 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता से समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

 
 

पूर्व मध्य रेल में 97 स्टेशनों का पुनर्विकास

GM डिम्पी गर्ग ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर

डीडीयू मंडल के 17 स्टेशन होंगे आधुनिक

पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने सोमवार को मुख्यालय हाजीपुर में सभी प्रमुख विभागाध्यक्षों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर चल रहे पुनर्विकास और कायाकल्प के कामों की प्रगति का जायजा लिया गया। महाप्रबंधक ने निर्माण कार्यों की धीमी गति पर ध्यान देते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के साफ निर्देश दिए।

गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं

समीक्षा के दौरान महाप्रबंधक ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्टेशन पुनर्विकास के दौरान निर्माण सामग्री और काम की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर ही पूरा किया जाए। यात्रियों को जल्द से जल्द आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने इन कामों की नियमित निगरानी पर जोर दिया।

पूर्व मध्य रेल के 97 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्व मध्य रेलवे के कुल 97 स्टेशनों को नए सिरे से संवारने के लिए चुना गया है। इसमें डीडीयू (पंडित दीन दयाल उपाध्याय) मंडल के 17 स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा दानापुर मंडल के 22, समस्तीपुर मंडल के 25, धनबाद मंडल के 17 और सोनपुर मंडल के 16 स्टेशनों पर पुनर्विकास का काम अलग-अलग चरणों में तेजी से चल रहा है।

यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक और सुरक्षित सुविधाएं

इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करना और पुरानी व्यवस्थाओं का विस्तार करना है। स्टेशन परिसरों में यात्रियों के आने-जाने के रास्तों को सुरक्षित, सुगम और आसान बनाया जा रहा है। साथ ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं और स्टेशन की मुख्य इमारतों को नया और आकर्षक डिजाइन दिया जा रहा है, ताकि लोगों का सफर ज्यादा सुविधाजनक बने।

स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को मिलेगा बढ़ावा

इस पुनर्विकास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि स्टेशनों के नए ढांचे में क्षेत्र की पौराणिक और सांस्कृतिक पहचान को बचाकर रखा जाएगा। स्टेशन भवनों की बनावट में स्थानीय परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। महाप्रबंधक का मानना है कि बेहतर रेल संपर्क और आधुनिक स्टेशनों से इलाके के व्यापार, खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को एक नया विस्तार मिलेगा।