मुगलसराय में श्रम विभाग की बड़ी छापेमारी, दुकानों से मुक्त कराए गए 4 बाल श्रमिक, मचा हड़कंप
चंदौली के पीडीडीयू नगर में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा ऐक्शन लिया है। श्रम विभाग और एएचटीयू की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 4 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया और दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी।
पीडीडीयू नगर में बड़ी छापेमारी
चार बाल श्रमिक कराए गए मुक्त
अलीनगर से दुलहीपुर तक चेकिंग
2026 तक बाल श्रम मुक्ति का लक्ष्य
दोषी दुकानदारों पर होगी विधिक कार्रवाई
चंदौली के जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग के सख्त निर्देश पर जिले में "बाल श्रम मुक्त अभियान" तेजी से चलाया जा रहा है। इसी के तहत शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (PDDU नगर) क्षेत्र में श्रम विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और स्वयंसेवी संस्थाओं ने मिलकर एक बड़ा रेस्क्यू और जागरूकता अभियान चलाया। इस कार्रवाई से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया।
चार मासूम बच्चों को कराया गया आजाद
इस संयुक्त टीम ने अलीनगर से लेकर दुलहीपुर तक स्थित विभिन्न दुकानों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अचानक छापेमारी की। इस सघन चेकिंग के दौरान टीम ने चार बाल श्रमिकों को काम करते हुए पकड़ा और उन्हें बाल श्रम से मुक्त कराया। इन बच्चों को सुरक्षित बचाकर अब उनके पुनर्वास और दोषियों के खिलाफ आगे की जरूरी विधिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
साल 2026 तक जिला होगा बाल श्रम मुक्त
जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने चंदौली जनपद को साल 2026 तक पूरी तरह से बाल श्रम मुक्त बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसी मकसद से सभी संबंधित विभागों को लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। यह पूरी कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बाल श्रम उन्मूलन नीति और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दुकानों पर चस्पा किए गए चेतावनी स्टिकर
अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के कड़े नियमों की जानकारी दी और बच्चों से काम न कराने की अपील की। लोगों को जागरूक करने के लिए दुकानों पर पोस्टर और स्टिकर भी चिपकाए गए। इस सफल अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी पंकज सिंह, चन्द्र प्रकाश, एएचटीयू के रामजी दुसिया, नीति आयोग की संस्था 'एवीए' के राकेश यादव और एमएसईएमवीएस के गणेश ने मुख्य भूमिका निभाई।