होली 2026: महानगरों से यूपी-बिहार लौटना हुआ मुश्किल, फुल हुईं बसें और ट्रेनें; जानें रेलवे का 'स्पेशल' प्लान

 

होली पर महानगरों से घर लौटने वालों के लिए ट्रेनों में नो-रूम की स्थिति है। भारी वेटिंग के बीच रेलवे राहत देने के लिए जल्द ही स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करेगा।

 
 

महानगरों से आने वाली ट्रेनों में भारी वेटिंग

कन्फर्म टिकट न मिलने से यात्री परेशान

रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी

बस सेवाओं में भी पहले से बुकिंग फुल

4 मार्च को होने वाली होली के लिए मारामारी

होली का त्यौहार नजदीक आते ही महानगरों में रोजी-रोटी के लिए गए लाखों लोगों की नजरें अब घर वापसी की ओर टिकी हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों के लिए इस बार भी राह आसान नहीं दिख रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) नगर और आसपास के जिलों के लोग जो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और पंजाब जैसे शहरों में कार्यरत हैं, वे टिकट की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। हालांकि होली में अभी लगभग एक महीने का समय शेष है, लेकिन प्रमुख ट्रेनों में अभी से 'नो-रूम' की स्थिति बन गई है।

प्रमुख रूटों पर वेटिंग का पहाड़: कन्फर्म टिकट मिलना नामुमकिन
महानगरों से आने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 200 के पार जा चुकी है। मुंबई से आने वाली लोकमान्य तिलक-भागलपुर, राजेंद्रनगर एक्सप्रेस और जनता एक्सप्रेस में पैर रखने तक की जगह नहीं है। यही हाल दिल्ली रूट का भी है, जहाँ पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, महाबोधि, मगध और संपूर्ण क्रांति जैसी गाड़ियों में लंबी वेटिंग चल रही है। बेंगलुरु और सिकंदराबाद जैसे दक्षिण भारतीय शहरों से आने वाली ट्रेनों में भी कई क्लास में बुकिंग बंद हो चुकी है।

रेलवे प्रशासन की तैयारी: जल्द चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
बढ़ती भीड़ और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेल प्रशासन ने राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। सहायक जनसूचना अधिकारी विश्वनाथ के अनुसार, रेलवे आगामी 15 फरवरी तक होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा कर सकता है। इन ट्रेनों को विशेष रूप से मुंबई, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और बेंगलुरु जैसे अधिक मांग वाले रूटों पर चलाया जाएगा। इन स्पेशल ट्रेनों की सूची जल्द ही जारी की जाएगी ताकि यात्री समय रहते अपनी यात्रा प्लान कर सकें।

बस और तत्काल का सहारा, पर वहां भी चुनौतियां
ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण यात्रियों ने बसों का रुख किया था, लेकिन वहां भी स्थिति सामान्य नहीं है। प्राइवेट और सरकारी बसों में पहले से ही एडवांस रिजर्वेशन हो चुके हैं। अब यात्रियों के पास अंतिम विकल्प के रूप में 'तत्काल टिकट' ही बचा है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि होली के दौरान भारी रश की वजह से तत्काल टिकट बुक करना भी "लोहे के चने चबाने" जैसा होगा।

लाखों प्रवासियों की उम्मीदें स्पेशल ट्रेनों पर टिकीं
बिहार, झारखंड, असम और पूर्वी यूपी के लाखों लोग अपनी माटी से जुड़ा यह त्यौहार अपनों के बीच मनाना चाहते हैं। पीडीडीयू जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन से गुजरने वाली गाड़ियों में भीड़ बढ़ने से स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है। अब सबकी निगाहें रेलवे द्वारा जारी होने वाली स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट पर हैं, जिससे प्रवासियों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से घर पहुंचने की उम्मीद जगी है।