'नेकी कर दरिया में डाल' वाले इंस्पेक्टर अनिल पांडेय की भावुक विदाई: अलीनगर में छलके गरीबों और दिव्यांगों के आंसू।
चंदौली के अलीनगर थाना प्रभारी अनिल पांडेय के स्थानांतरण पर रविवार को पूरा क्षेत्र भावुक हो उठा। अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाने और गरीबों की गुप्त मदद करने वाले इस जांबाज अधिकारी की विदाई में सैकड़ों आंखें नम रहीं।
इंस्पेक्टर अनिल पांडेय की यादगार विदाई।
खाई में कूदकर बचाई थी खलासी की जान।
धपरी शिवलिंग प्रकरण का शांतिपूर्ण निस्तारण।
गरीबों और दिव्यांगों के मसीहा बने इंस्पेक्टर।
अलीनगर पुलिस महकमे में भावुक विदाई समारोह।
खाकी की कठोर छवि के बीच जब कोई अधिकारी अपनी संवेदनशीलता और मानवता से जनता के दिलों में जगह बनाता है, तो विदाई के क्षण खुद-ब-खुद ऐतिहासिक हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही मंजर रविवार को चंदौली जिले के अलीनगर थाना परिसर में देखने को मिला, जहाँ थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल पांडेय को भावभीनी विदाई दी गई। उनके स्थानांतरण की खबर ने न केवल उनके मातहतों को, बल्कि क्षेत्र के उन तमाम गरीबों और असहायों को मायूस कर दिया, जिनके लिए वे एक रक्षक की तरह थे।
खाई में छलांग लगाकर बचाई थी जान
इंस्पेक्टर अनिल पांडेय की पहचान केवल एक अनुशासित अधिकारी की नहीं, बल्कि एक जांबाज इंसान की भी रही है। बीते जुलाई माह में एक पिकअप दुर्घटना के दौरान उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए खाई में छलांग लगा दी थी और एक खलासी की जान बचाई थी। उस साहसिक कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने उन्हें रातों-रात पूरे जिले का चहेता बना दिया था।
संवेदनशील प्रकरणों का कुशलता से निस्तारण
अपने 8 माह के कार्यकाल में उन्होंने कानून व्यवस्था को न केवल संभाला, बल्कि जटिल मामलों को बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से हल किया। धपरी शिवलिंग प्रकरण जैसे संवेदनशील मुद्दे को उन्होंने अपनी सूझबूझ से बिना किसी विवाद के सुलझाया। इसके अलावा सरने गांव की 6 वर्षीय मासूम बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने में उनकी भूमिका को क्षेत्रवासी कभी नहीं भूल पाएंगे।
दिव्यांगों और गरीबों के बने मददगार
विदाई समारोह में दिव्यांग संगठन के पूर्वांचल अध्यक्ष अजय सिंह दिव्यांग ने भरे गले से कहा, "पांडेय जी जैसे सख्त, निष्पक्ष और जनता-हितैषी अधिकारी बहुत कम मिलते हैं। वे केवल कानून के रक्षक नहीं, बल्कि हम जैसों के लिए सहारा थे।" समाजसेवी सद्दाम हुसैन ने भी उनकी तेजतर्रार कार्यशैली और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने गुप्त रूप से कई गरीब बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग किया और 'नेकी कर दरिया में डाल' की कहावत को चरितार्थ किया।
अमुल्य निधि है जनता का प्यार: अनिल पांडेय
सम्मान समारोह के दौरान सहकर्मियों ने उन्हें माल्यार्पण कर और स्मृति चिन्ह भेंट कर विदा किया। अपने विदाई संबोधन में इंस्पेक्टर अनिल पांडेय भावुक हो गए। उन्होंने कहा, "स्थानांतरण सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन अलीनगर की जनता से जो प्रेम और सम्मान मिला है, वह मेरी पूरी सर्विस की सबसे बड़ी कमाई और अमूल्य निधि है। यहाँ की यादें हमेशा मेरे दिल के करीब रहेंगी।"
इस अवसर पर क्राइम इंस्पेक्टर रमेश यादव, चौकी प्रभारी आशुतोष गुप्ता सहित भारी संख्या में पुलिसकर्मी और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।