DDU जंक्शन पर सघन चेकिंग, दो जीवित कछुए बरामद

बरामद किए गए कछुए न केवल अद्भुत किस्म के हैं, बल्कि काफी बड़े और भारी भी हैं। जीआरपी का कहना है कि वन्य जीवों की तस्करी रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में विशेष निगरानी रखी जाती है।
 

ट्रेन से होती है कछुए की तस्करी

दो विशालकाय जीवित कछुआ बरामद

वन विभाग को सौंपे गए कछुए

चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर जीआरपी पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल की। अभियान के दौरान प्लेटफार्म संख्या एक और दो पर दो विशालकाय जीवित कछुआ बरामद किया गया। कछुआ लावारिस अवस्था में पड़े मिले, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लेकर वन विभाग को सूचना दी और नियमानुसार सुपुर्द कर दिया।

ज्ञात हो कि कछुआ की तस्करी अक्सर पश्चिम बंगाल की ओर की जाती है, जहां इनकी बड़ी मांग रहती है। जीआरपी प्रभारी ने बताया कि पहले भी कछुआ तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि हाल के दिनों में इस तरह की घटनाओं में कमी आई है। लेकिन इस बरामदगी ने फिर से तस्करों की सक्रियता की ओर संकेत किया है। पुलिस का मानना है कि चेकिंग अभियान के दौरान दबिश देखकर तस्कर कछुआ छोड़कर फरार हो गए।

बरामद किए गए कछुए न केवल अद्भुत किस्म के हैं, बल्कि काफी बड़े और भारी भी हैं। जीआरपी का कहना है कि वन्य जीवों की तस्करी रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में विशेष निगरानी रखी जाती है। पुलिस टीम लगातार सतर्कता बरत रही है ताकि ऐसे अवैध कार्यों पर अंकुश लगाया जा सके।

इस कार्रवाई में जीआरपी उपनिरीक्षक संदीप कुमार राय और कांस्टेबल मोहम्मद असगर की विशेष भूमिका रही। जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि तस्करों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। बरामदगी की इस कार्रवाई को वन विभाग ने भी सराहा और जीआरपी टीम के तत्पर प्रयासों की प्रशंसा की।

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि संयुक्त प्रयासों और सतर्कता से अवैध तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है। डीडीयू जंक्शन पर हुई यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा और वन्य जीव संरक्षण दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।