नशा समाज को दीमक की तरह कर रहा खोखला: लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज में नशामुक्ति गोष्ठी का आयोजन
मुगलसराय के लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा नशामुक्ति पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने युवाओं से नशे से दूर रहकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
नशामुक्ति पर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन
एलबीएस कॉलेज मुगलसराय में एनएसएस की पहल
2047 के विकसित भारत के लिए नशामुक्ति जरूरी
नशे को जन-आंदोलन बनाकर खत्म करने का आह्वान
युवाओं को स्वस्थ और सशक्त बनाने का संकल्प
चंदौली जिले के मुगलसराय स्थित लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से नशामुक्ति विषय पर एक दिवसीय जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और उन्हें एक स्वस्थ तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
युवा पीढ़ी का स्वास्थ्य और भविष्य हो रहा बर्बाद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रो. संजय ने कहा कि नशा एक दीमक की तरह है, जो हमारे समाज और देश की युवा पीढ़ी को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश की ऊर्जावान युवा शक्ति नशे की गिरफ्त में आकर न केवल अपना शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बिगाड़ रही है, बल्कि अपने उज्ज्वल भविष्य को भी दांव पर लगा रही है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए नशामुक्ति जरूरी
प्रो. संजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के युवाओं का पूरी तरह से नशामुक्त होना बेहद आवश्यक है। अगर देश की सबसे बड़ी ताकत यानी युवा ही नशे की चपेट में रहेंगे, तो राष्ट्र के विकास की रफ्तार थम जाएगी।
नशामुक्ति को जन-आंदोलन बनाने की जरूरत
गोष्ठी में मौजूद अन्य वक्ताओं ने जोर दिया कि नशामुक्ति को सिर्फ सरकारी अभियानों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप देना होगा। इसके लिए खेलकूद, कला, संस्कृति और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ना जरूरी है, ताकि वे नशे से दूर रह सकें।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मुख्य रूप से उपस्थित
इस सफल कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ समन्वयक श्री संजय कुमार ने किया। वहीं डॉ. मीना तिवारी ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। गोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, छात्र-छात्राओं और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।