₹2 लाख के उधार के लिए लोको पायलट ने दी थी ₹1.5 लाख की सुपारी, मनोज हत्याकांड में ऐसा है सनसनीखेज खुलासा

 

चन्दौली में महज 24 घंटे पहले हुए मनोज कुमार हत्याकांड का पुलिस ने हैरान कर देने वाला खुलासा किया है। उधार के विवाद में एक लोको पायलट ने डेढ़ लाख की सुपारी देकर मर्डर कराया था। पूरी रोमांचक कहानी पढ़ें...

 
 

मनोज कुमार हत्याकांड का बड़ा खुलासा

लोको पायलट ने रची मर्डर की साजिश

डेढ़ लाख रुपये में दी थी सुपारी

पुलिस मुठभेड़ में मुख्य शूटर गिरफ्तार

एसपी आकाश पटेल ने की मॉनिटरिंग

चंदौली जिले को हिलाकर रख देने वाले मनोज कुमार हत्याकांड का जिले की पुलिस ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है। एक मामूली आर्थिक लेनदेन का विवाद इतनी बड़ी दुश्मनी में बदल जाएगा, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। करीब 2 लाख रुपये के उधार और उस पर लगातार बढ़ते ब्याज के विवाद में इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया।

इस रंजिश के चलते रेलवे के लोको पायलट कृष्ण भगवान ने मनोज कुमार को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने का मन बना लिया। इसके लिए उसने बिहार के पेशेवर शूटरों से संपर्क किया और मनोज की हत्या करने के लिए डेढ़ लाख रुपये की मोटी सुपारी तय कर दी।

झांसा देकर सुनसान जगह बुलाया और मार दी गोली
योजना के मुताबिक, घटना के दिन मनोज कुमार को पुराने हिसाब-किताब का निपटारा करने और पैसे लौटाने का झांसा देकर एक सुनसान जगह पर बुलाया गया। मनोज को भरोसा था कि उसे उसके पैसे वापस मिल जाएंगे। लेकिन वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे शूटरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

शूटर वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए, जिसके बाद यह पूरा मामला पुलिस के लिए एक पेचीदा 'ब्लाइंड मर्डर' बन गया था। कत्ल की वजह और कातिलों का कोई सुराग न होने पर पुलिस अधीक्षक (SP) आकाश पटेल ने खुद इस पूरे मामले की कमान अपने हाथों में ली।

15 घंटे का चला ऑपरेशन, मुठभेड़ में शूटर को लगी गोली
एसपी के निर्देश पर थाना अलीनगर पुलिस समेत कई एक्सपर्ट टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने तेजी से काम करते हुए मृतक और संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की। तकनीकी और वैज्ञानिक सबूतों को जोड़ने पर शक की सुई लोको पायलट कृष्ण भगवान की तरफ घूम गई, जिसके बाद पुलिस ने साजिश की परतें खोल दीं।

जब पुलिस की टीम मुख्य शूटर को गिरफ्तार करने और हथियार बरामद करने पहुंची, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली मुख्य शूटर के पैर में जा लगी और उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, खोखा और जिंदा कारतूस मिले हैं।

एसपी आकाश पटेल ने पुलिस टीम को दिया ₹50,000 का इनाम
पूछताछ में यह साफ हो गया कि हत्या का सौदा डेढ़ लाख रुपये में हुआ था। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता लोको पायलट कृष्ण भगवान समेत अन्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पुलिस कुछ अन्य तथ्यों की भी गहराई से जांच कर रही है।

इस बेहद संवेदनशील ब्लाइंड मर्डर केस की खुद मॉनिटरिंग करने वाले एसपी आकाश पटेल ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। इस शानदार और त्वरित कामयाबी के लिए उन्होंने अलीनगर पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस कार्रवाई को चन्दौली पुलिस के इतिहास के सबसे बड़े और तेज खुलासों में से एक माना जा रहा है।