एक और खुशखबरी : 325 करोड़ की लागत से 29 किमी लंबी बनेगी DDU नगर-बबुरी सड़क, PWD ने तैयार की नई कार्ययोजना
चंदौली में निर्माणाधीन पीडीडीयू नगर-बबुरी मार्ग का अब विस्तार किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने सितौड़ी से मुरारपुर तक 16 किमी अतिरिक्त फोरलेन निर्माण की योजना बनाई है, जिससे बिहार जाने वाले यात्रियों को जाम से मुक्ति और तेज रफ्तार मिलेगी।
पीडीडीयू नगर-बबुरी मार्ग का 16 किमी और होगा विस्तार
कुल लागत 200 करोड़ से बढ़कर हुई 325 करोड़ रुपये
मुआवजे के लिए 120 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान
गोधना मोड़ से मुरारपुर तक कुल 29.65 किमी लंबा फोरलेन
जून 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने का रखा गया लक्ष्य।
चंदौली जिले में बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पीडीडीयू नगर-बबुरी निर्माणाधीन मार्ग को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने एक नई और महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत अब फोरलेन सड़क की लंबाई को सितौड़ी से आगे बढ़ाकर मुरारपुर मोड़ तक ले जाने का निर्णय लिया गया है। इस विस्तार से न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ होगा, बल्कि बिहार सीमा तक का सफर भी बेहद सुगम हो जाएगा।
200 करोड़ से बढ़कर 325 करोड़ हुआ बजट
शुरुआती योजना के अनुसार, गोधना मोड़ से बबुरी के सितौड़ी तक करीब 13 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण 200 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा था। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अब विभाग ने सितौड़ी से मुरारपुर तक 16 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी को फोरलेन में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस विस्तार के बाद सड़क की कुल लंबाई 29.65 किलोमीटर हो जाएगी और प्रोजेक्ट की कुल लागत बढ़कर 325 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
मुआवजे के लिए 120 करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान
सड़क चौड़ीकरण की जद में कई गांव और संपत्तियां आ रही हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, फोरलेन निर्माण के दौरान दो सौ से ज्यादा घर प्रभावित हो रहे हैं। निजी जमीन और भवनों के अधिग्रहण के लिए विभाग ने 120 करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया है। हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन और तालाबों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को बिना किसी मुआवजे के हटाया जाएगा।
पर्यावरण और अतिक्रमण पर कार्रवाई
इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण पर भी प्रभाव पड़ेगा। गोधना मोड़ से मुरारपुर तक कुल तीन हजार पेड़ काटे जाने का अनुमान है। इसमें से गिधौली से सितौड़ी के बीच 1400 पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं, जबकि विस्तार वाले हिस्से में करीब 1600 और पेड़ काटे जाएंगे। इसके साथ ही सड़क के किनारे बने कच्चे-पक्के अवैध निर्माणों को गिराने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।
राजनाथ सिंह के कार्यकाल की यादें ताजा
यह मार्ग ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा है। वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जब वर्ष 2000 से 2002 के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उनके कार्यकाल में इस सड़क का पहली बार बड़े स्तर पर चौड़ीकरण हुआ था। उस समय सिंगल लेन मार्ग को डबल लेन किया गया था और सड़क के दोनों ओर सघन पौधरोपण कराया गया था। अब लगभग दो दशक बाद, इसे फोरलेन के रूप में आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।
अधिकारियों बोले- जून तक पूरा होगा काम
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार ने बताया कि वर्तमान में सितौड़ी तक का काम तेजी से चल रहा है। 16 किलोमीटर अतिरिक्त विस्तार की कार्ययोजना शासन को भेज दी गई है। जैसे ही शासन से मंजूरी और बजट प्राप्त होगा, विस्तार का काम शुरू कर दिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि आगामी जून तक पूरे मार्ग को फोरलेन के रूप में जनता को समर्पित कर दिया जाए।