मुगलसराय में अपराध का 'ब्लैक होल': 10 महीने, 3 अनसुलझे कत्ल और 50 से ज्यादा चोरियां; क्या नए कोतवाल-CO बदल पाएंगे तस्वीर?
मुगलसराय में बढ़ते अपराध और दवा व्यवसायी रोहिताश पाल हत्याकांड समेत दर्जनों चोरी की वारदातों का खुलासा न होने पर पुलिस अधीक्षक ने सख्त कदम उठाया है। गगनराज सिंह की विदाई के बाद अब संतोष सिंह के कंधों पर कानून-व्यवस्था सुधारने की बड़ी चुनौती है।
10 महीने के कार्यकाल में दर्जनों अनसुलझी वारदातें
चर्चित रोहिताश पाल हत्याकांड के शूटर अब भी फरार
50 लाख की ज्वेलरी चोरी समेत 30+ बड़ी चोरियां
सीसीटीसूवी में कैद होकर भी बच निकले अपराधी
नए कोतवाल संतोष सिंह के सामने चुनौतियों का अंबार
चंदौली जनपद की सबसे महत्वपूर्ण कोतवाली मुगलसराय में इन दिनों पुलिस और अपराधियों के बीच की जंग में अपराधी भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते अपराधों और वारदातों के खुलासे में नाकाम रहने पर पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुगलसराय कोतवाली प्रभारी गगनराज सिंह को पदमुक्त कर दिया है। उनके स्थान पर पिछले एक साल से पुलिस लाइन में तैनात संतोष सिंह को कमान सौंपी गई है। गगनराज सिंह का 10 माह का कार्यकाल मुगलसराय पुलिस के इतिहास में 'नाकामी के अध्याय' के रूप में देखा जा रहा है।
प्रमुख हत्याकांड: पुलिस की रडार से बाहर हत्यारे
गगनराज सिंह के कार्यकाल की सबसे बड़ी विफलता दवा व्यवसायी रोहिताश पाल हत्याकांड रही है। 29 नवंबर 2025 को हुई इस सनसनीखेज हत्या के शूटर आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश है। इसके अलावा 17 सितंबर 2025 को दुल्हीपुर में एक बुजुर्ग महिला की ईंट से कुचलकर निर्मम हत्या और 10 अगस्त 2024 को चंधासी के पास बाइक मिस्त्री की दिनदहाड़े हत्या जैसे मामले आज भी फाइलों में दबे हुए हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को बौना साबित कर दिया है।
चोरी और उचक्कागिरी की बाढ़: हाईवे से लेकर गलियां तक असुरक्षित
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में चोरी की घटनाओं ने आम जनता की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ महीनों के आंकड़े डराने वाले हैं:
ज्वेलरी शोरूम में डकैती: 8 दिसंबर 2025 को बहादुरपुर के अमन ज्वेलर्स से 50 लाख की भीषण चोरी हुई।
खाद्यान्न लूट: 6 जनवरी 2026 को पटनवा से चोर 56 बोरी सरकारी खाद्यान्न मैजिक पर लादकर ले गए।
व्यापारियों पर वार: 3 दिसंबर को जलीलपुर में कार का शीशा तोड़कर 3 लाख रुपये पार किए गए।
मंदिरों में सेंधमारी: सिद्धार्थपुरम कॉलोनी के शालिग्राम मंदिर की दान पेटी तक को चोरों ने नहीं बख्शा।
बाइक चोरी का हब: मुगलसराय मार्केट, जीटीआर ब्रिज और रिहायशी इलाकों से दर्जनों बाइकें सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद बरामद नहीं हो सकीं।
नवागत कोतवाल संतोष सिंह: उम्मीदें और आशंकाएं
मुगलसराय की कमान अब संतोष सिंह को दी गई है। संतोष सिंह वर्ष 2021 में अलीनगर के प्रभारी रह चुके हैं, लेकिन उनका पिछला रिकॉर्ड भी विवादों से मुक्त नहीं रहा है। उनके समय में भी सिकटिया-तारानपुर हत्याकांड के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे। स्थानीय लोगों का मानना है कि मुगलसराय जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में केवल चेहरा बदलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पुलिसिंग के तरीके को बदलना होगा। अक्सर देखा गया है कि मामूली विवादों में पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न करने (पंचायत करने) के कारण वे बाद में खूनी रंजिश में बदल जाते हैं।
क्षेत्राधिकारी का आश्वासन: चुनौती स्वीकार
इस पूरे घटनाक्रम पर पीडीडीयू नगर के क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि पूर्व में हुई सभी लंबित घटनाएं पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए प्रभारी की पहली प्राथमिकता लंबित हत्याकांडों और चोरी के मामलों का खुलासा करना होगा। अपराधियों को चिन्हित कर जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि आम जनता में खोया हुआ विश्वास वापस लौटाया जा सके।
जनता को चाहिए ठोस परिणाम
मुगलसराय की जनता अब आश्वासनों से थक चुकी है। व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा अब सबसे बड़ा मुद्दा है। क्या संतोष सिंह अपराधियों के लिए खौफ का पर्याय बनेंगे या फिर मुगलसराय की कानून-व्यवस्था इसी तरह अपराधियों के रहमोकरम पर रहेगी? यह आने वाला वक्त तय करेगा। फिलहाल, गगनराज सिंह की विदाई ने यह साफ कर दिया है कि काम न करने वाले अधिकारियों के लिए जिले में अब कोई जगह नहीं है।