'गोल्डन ऑवर' में बचाएं जान, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के समापन पर ARTO ने दी राहगीर योजना की जानकारी
लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज, नियामताबाद में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का भव्य समापन हुआ। एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम और सीएमओ वाई.के. राय ने छात्रों को यातायात नियमों, कैशलेस उपचार और सड़क दुर्घटना में जान बचाने वालों को मिलने वाले 25,000 रुपये के ईनाम के बारे में जागरूक किया।
'जीरो फैटेलिटी' लक्ष्य के साथ माह संपन्न
घायल की जान बचाने पर 25,000 का पुरस्कार
सड़क हादसों के लिए कैशलेस उपचार योजना
गोल्डन ऑवर और राहगीर योजना की जानकारी
फेसलेस लर्निंग लाइसेंस प्रक्रिया पर दिया जोर
चंदौली सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में पूरे जनवरी माह (01.01.2026 से 31.01.2026) तक जनपद में मनाया जा रहा 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह' शनिवार को संपन्न हो गया। नियामताबाद स्थित लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज के सभागार में आयोजित समापन समारोह का मुख्य उद्देश्य जनमानस को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर सड़क दुर्घटनाओं में 'जीरो फैटेलिटी' (शून्य मृत्यु दर) के लक्ष्य को प्राप्त करना रहा।
नुक्कड़ नाटक और संगीत से दी गई सीख
समापन समारोह के दौरान वाराणसी से आए कलाकारों ने स्काउट गाइड और छात्र-छात्राओं के बीच नुक्कड़ नाटक और संगीत की शानदार प्रस्तुति दी। कलाकारों ने मनोरंजन के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाले भयावह परिणामों को दर्शाया, जिसने उपस्थित जनसमूह को सोचने पर मजबूर कर दिया।
हेलमेट और गोल्डन ऑवर का महत्व
मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) चंदौली, श्री वाई.के. राय ने बच्चों से अपील की कि वाहन चलाते समय हेलमेट और सीटबेल्ट कभी न भूलें। उन्होंने वैज्ञानिक पक्ष रखते हुए बताया, "शरीर के अन्य अंगों की चोट ठीक हो सकती है, लेकिन सिर की चोट (Head Injury) जानलेवा साबित होती है।" उन्होंने जिले में लागू 'कैशलेस उपचार योजना' की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ₹1.5 लाख तक की मुफ्त इलाज की सुविधा निजी अस्पतालों में भी मिल सकती है।
एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने 'गोल्डन ऑवर' (दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा) के बारे में बताते हुए कहा कि इस दौरान अस्पताल पहुँचने पर जान बचने की संभावना सबसे अधिक होती है।
मददगारों के लिए 'राहगीर योजना' और नकद पुरस्कार
डॉ. सर्वेश गौतम ने केंद्र सरकार की 'राहगीर योजना' (Good Samaritan Scheme) पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल की जान बचाने वाले नागरिक को सरकार ₹25,000 का पुरस्कार देती है। अस्पताल में ऐसे मददगारों को पूछताछ के नाम पर परेशान नहीं किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा कोरोना महामारी से भी अधिक डरावना है, जिसे केवल सावधानी और नियमों के पालन से ही कम किया जा सकता है।
फेसलेस लर्निंग लाइसेंस और सम्मान समारोह
एआरटीओ ने बताया कि अब लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया पूर्णतः 'फेसलेस' हो चुकी है, जिसे लोग घर बैठे बना सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले 'नेक मददगारों' और जनपद के मीडिया कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधक राजेश तिवारी, प्राचार्य उदय नारायण मिश्र, संजय पांडेय, यातायात निरीक्षक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।