पचफेड़वा बाजार में हाईवे पर ओवरब्रिज की मांग, मजदूर दिवस पर भाकपा-माले का बड़ा धरना, नहीं पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
मजदूर दिवस पर चंदौली के पचफेड़वा बाजार में ग्रामीणों और भाकपा (माले) ने पैदल ओवरब्रिज निर्माण के लिए धरना दिया। 12 गांवों की सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द पुल बनाने की मांग की है।
पचफेड़वा बाजार में पैदल ओवरब्रिज की मांग
हाईवे पार करते समय सड़क हादसों का डर
भाकपा (माले) और ग्रामीणों का संयुक्त धरना
कठौड़ी, धपरी समेत 12 गांवों की समस्या
प्रशासनिक अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर चंदौली जनपद के मुगलसराय (पीडीडीयू नगर) तहसील अंतर्गत पचफेड़वा बाजार में जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन देखा गया। भाकपा (माले) और क्षेत्रीय नागरिकों ने एक निजी प्रतिष्ठान के सामने एकत्रित होकर एक दिवसीय धरना व सभा का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य हाईवे पर हो रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए पैदल ओवरब्रिज के निर्माण की मांग करना था।
12 गांवों की सुरक्षा का सवाल
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने रेवसा-पचफेड़वा बाजार क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और खतरों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कठौड़ी, धपरी, नरैना समेत आसपास के लगभग 12 गांवों के लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए प्रतिदिन इसी बाजार से होकर गुजरते हैं। बाजार हाईवे के दोनों ओर फैला है, जिसके कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर तेज रफ्तार हाईवे पार करना पड़ता है। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं ने क्षेत्रवासियों में दहशत पैदा कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां एक पैदल ओवरब्रिज (फुट ओवरब्रिज) का होना नितांत आवश्यक है।
प्रशासन की अनदेखी पर नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लंबे समय से मांग के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। विशेष बात यह रही कि धरना लंबे समय तक चला, लेकिन खबर लिखे जाने तक मौके पर कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने या ग्रामीणों को आश्वासन देने नहीं पहुंचा। अधिकारियों की इस गैरमौजूदगी पर प्रदर्शनकारियों ने असंतोष व्यक्त किया।
उपस्थित जनसमूह
इस विरोध प्रदर्शन में दुर्गा प्रसाद, मोहम्मद इस्लाम, अशोक कुशवाहा, दिनेश, रज्जब अली, चंद्रमा, रहमान, लाल जी, सरिता, योगेंद्र, संजय सिंह, ठाकुर प्रसाद, बिहारी, बबलू, वियारे और तूफानी गोंड सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि जब तक ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।