स्केटिंग से प्रयागराज टू पटना: खान सर से मिलने के जुनून में 13 साल का छात्र निकला 400 किमी के सफर पर

 

प्रयागराज के छात्र अभिनव तिवारी स्केटिंग के जरिए पटना स्थित खान सर से मिलने के मिशन पर निकले हैं। शिक्षा के प्रति समर्पित अभिनव का यह सफर चंदौली से होकर गुजर रहा है, जहाँ उनके साहस को देखकर हर कोई दंग है।

 
 

प्रयागराज से पटना तक स्केटिंग यात्रा

खान सर से मिलने का अनोखा संकल्प

3 फरवरी से शुरू हुआ सफर

शिक्षा और मार्गदर्शन की विशेष चाह

चंदौली हाईवे पर जज्बे की मिसाल

चंदौली जिले में नेशनल हाईवे-19 पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राहगीरों को रुकने पर मजबूर कर दिया। प्रयागराज का एक होनहार छात्र अभिनव तिवारी, स्केटिंग करते हुए बिहार की राजधानी पटना की ओर बढ़ रहा है। उसका उद्देश्य किसी विश्व रिकॉर्ड को तोड़ना नहीं, बल्कि अपने आदर्श और मशहूर शिक्षक खान सर से मिलकर उनका आशीर्वाद और जीवन के लिए सही मार्गदर्शन प्राप्त करना है। यह अनोखी यात्रा चंदौली जिले के नियमताबाद स्थित नेशनल हाईवे से होकर गुजर रही है, जहां छात्र ने अपने सफर और उद्देश्य की जानकारी दी।

बता दें कि प्रयागराज निवासी अभिनव तिवारी 3 फरवरी को स्केटिंग यात्रा पर अपने घर से निकले थे। उनका लक्ष्य बिहार की राजधानी पटना पहुंचकर मशहूर शिक्षाविद् खान सर से मुलाकात करना है। अभिनव ने बताया कि खान सर समाज के हर वर्ग के विद्यार्थियों की मदद करते हैं और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान प्रेरणादायक है। इसी वजह से वे उनसे मिलकर आशीर्वाद और मार्गदर्शन लेना चाहते हैं।

स्केटिंग करते हुए अभिनव तिवारी लगभग 60 से 70 किलोमीटर की दूरी तय कर चंदौली जिले के गंजख्वाजा गांव स्थित नेशनल हाईवे तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि रास्ते में कई जगह सड़कें खराब हैं, ऐसे में मजबूरी में स्केटिंग उतारकर पैदल भी चलना पड़ता है। बावजूद इसके उनका उत्साह कम नहीं हुआ है और वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं।

अभिनव ने यह भी बताया कि दिनभर यात्रा करने के बाद जब देर शाम हो जाती है तो वे किसी मंदिर या पेट्रोल पंप पर रुककर खुद खाना बनाते हैं और वहीं आराम करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका हौसला बुलंद है।

 स्थानीय सद्दाम हुसैन ने  अभिनव के इस साहसिक प्रयास की सराहना की है। उनका मानना है कि यह यात्रा न सिर्फ युवाओं को प्रेरित करेगी, बल्कि यह भी दिखाएगी कि मजबूत इरादों के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।