राजीव सक्सेना बने मुगलसराय के नए एसडीएम, कार्यभार संभालते ही बुलाई बैठक

 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) को नए उपजिलाधिकारी के रूप में राजीव सक्सेना मिल गए हैं। मंगलवार को पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। शहर के प्रशासनिक बदलावों की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

 
 

नए उपजिलाधिकारी ने संभाला कार्यभार

अनुपम मिश्रा के स्थान पर तैनाती

एसडीएम और ईओ का दोहरा प्रभार

अतिक्रमण विरोधी अभियान होगा तेज

जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता

चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। 2014 बैच के पीसीएस (PCS) अधिकारी राजीव सक्सेना ने मंगलवार को नए उपजिलाधिकारी (SDM) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद एक्शन में आए नए एसडीएम ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सरकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।

लोक सेवा आयोग भेजे गए अनुपम मिश्रा, जेएनयू के छात्र रहे हैं नए एसडीएम
राजीव मनोह्न सक्सेना को पूर्व उपजिलाधिकारी अनुपम मिश्रा के स्थान पर तैनात किया गया है। बता दें कि अनुपम मिश्रा का हाल ही में तबादला हो गया था, जिसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) में उपसचिव के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले नए एसडीएम राजीव सक्सेना एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अध्ययन किया है। उन्हें साल 2023 में पहली बार उपजिलाधिकारी के पद पर तैनाती मिली थी।

एसडीएम और ईओ दोनों पदों की मिली कमान, अतिक्रमणकारियों में हड़कंप की संभावना
इस प्रशासनिक फेरबदल की सबसे खास बात यह है कि राजीव सक्सेना पहले से ही मुगलसराय नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (EO) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उपजिलाधिकारी और अधिशासी अधिकारी दोनों ही महत्वपूर्ण पदों का प्रभार उनके पास आ जाने से क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यों में और अधिक तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। पिछले करीब एक वर्ष के दौरान ईओ के पद पर रहते हुए उन्होंने मुगलसराय में अतिक्रमण के खिलाफ कई बड़े और कड़े अभियान चलाए थे।

सड़क चौड़ीकरण की राह में रोड़ा बने अवैध कब्जों को हटाने को लेकर उनकी बेबाक कार्यशैली पूरे जनपद में चर्चा का विषय रही है। ऐसे में स्थानीय प्रबुद्ध जनों का मानना है कि अब एसडीएम का पावर मिलने के बाद शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियानों की रफ्तार दोगुनी हो सकती है।

जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध निस्तारण मुख्य लक्ष्य
कार्यभार संभालने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उपजिलाधिकारी राजीव  सक्सेना ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन की मंशानुसार सभी जन कल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी और पारदर्शी संचालन कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि तहसील और नगर पालिका में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। जनता की हर छोटी-बड़ी समस्या का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना ही उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होगी।