RPF लगातार कर रहा है कार्रवाई, मोबाइल चोर को पकड़ा और खोया सामान भी खोजा
रेल सुरक्षा बल का सतर्क अभियान
एक और मोबाइल चोर की गिरफ्तारी
ऑपरेशन अमानत में भी मिल रही है सफलता
चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर रेल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के क्रम में रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी श्रृंखला में दो महत्वपूर्ण घटनाएं 14 व 15 जुलाई 2025 को सामने आईं, जिनमें एक तरफ एक मोबाइल चोर को रंगे हाथों पकड़ा गया, वहीं दूसरी ओर ऑपरेशन अमानत के तहत एक यात्री का खोया हुआ मोबाइल सुरक्षित रूप से वापस किया गया।
मोबाइल चोर को पकड़ा
दिनांक 14 जुलाई 2025 की रात लगभग 04:15 बजे, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा में तैनात आरपीएफ की टास्क टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रेलवे यार्ड क्षेत्र में चोरी के मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई रेल सुरक्षा बल पोस्ट डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में की गई। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान समीर कुमार गोंड, पुत्र आर्यन प्रसाद, निवासी सैदपुर, चकिया, थाना इलिया, जिला चंदौली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने उक्त मोबाइल ट्रेन में यात्रा कर रहे किसी यात्री से चुराया था और चोरी के बाद मौके से भागने की कोशिश कर रहा था। तलाशी लेने पर उसके पास इन्फिनिक्स कंपनी का एक मोबाइल बरामद हुआ, जिसकी कीमत हजारों में आंकी गई है। घटनास्थल पर विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) डीडीयू के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उसके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही की गई।
ऑपरेशन अमानत की सफलता
दूसरी ओर, दिनांक 15 जुलाई 2025 को आरपीएफ ने “ऑपरेशन अमानत” के तहत एक यात्री का कीमती मोबाइल फोन और चार्जर सुरक्षित रूप से वापस लौटाकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। यह घटना गाड़ी संख्या 12988 (अजमेर–प्रयागराज एक्सप्रेस) के डीडीयू जंक्शन आगमन के समय घटित हुई, जो प्लेटफार्म संख्या 1 पर सुबह 4:27 बजे पहुंची थी। आरपीएफ आरक्षी बल्लू प्रसाद दिनकर द्वारा कोच संख्या S3 की बर्थ संख्या 43 की चेकिंग की गई, जहां उन्हें एक MI कंपनी का चार्जिंग में लगा हुआ मोबाइल मिला।
रेल मदद के माध्यम से शिकायत मिलने पर आरपीएफ ने यात्री से संपर्क साधा। यात्री इरफान अली, जो अजमेर से प्रयागराज तक की यात्रा कर रहे थे, ने बताया कि बर्थ संख्या 43 पर उनका मोबाइल चार्जिंग में लगा रह गया है। आरपीएफ ने मोबाइल की पहचान की पुष्टि की और उसे तत्काल सुरक्षा में लेते हुए पोस्ट पर सुरक्षित रखा।
बाद में शिकायतकर्ता गुलाम मुस्तफा, पुत्र गुलशेर अली, निवासी ग्राम सिरसा, थाना मेजा, जिला प्रयागराज, आरपीएफ पोस्ट डीडीयू पर पहुंचे और मोबाइल की पहचान की। उचित सत्यापन के उपरांत उन्हें उनका मोबाइल और चार्जर सही-सलामत सुपुर्द कर दिया गया। इस मोबाइल और चार्जर की अनुमानित कीमत लगभग ₹15,000 आंकी गई।
शिकायतकर्ता ने मोबाइल की सुरक्षित वापसी पर आरपीएफ के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यदि समय पर रेल सुरक्षा बल की मदद न मिली होती, तो वह अपना कीमती सामान खो देता।
अब रेल सुरक्षा बल न केवल अपराधियों के खिलाफ सतर्कता से कार्रवाई कर रही है, बल्कि यात्रियों के खोए हुए सामानों की सुरक्षा और पुनर्प्राप्ति में भी पूर्ण सजगता बरत रही है। आरपीएफ की सक्रियता और संवेदनशीलता से यात्रियों के बीच विश्वास और सुरक्षा की भावना और भी सुदृढ़ हो रही है।
रेल यात्रियों से यह भी अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा के दौरान अपने सामानों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में “रेल मदद” के माध्यम से तुरंत सूचना दें ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।