मुगलसराय में सपा कार्यालय में मनायी गयी कांशीराम की जयंती: पूर्व सांसद रामकिशुन ने दलित-पिछड़ों को एकजुट होने का दिया मंत्र

 

डीडीयू नगर स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में सामाजिक योद्धा मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। पूर्व सांसद रामकिशुन ने उनके संघर्षों को याद करते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर प्रहार किया और एकजुटता का आह्वान किया।

 
 

सपा कार्यालय में कांशीराम जयंती का आयोजन

पूर्व सांसद रामकिशुन ने दी श्रद्धांजलि

1993 के साइकिल अभियान की चर्चा

दलित और पिछड़ों के उत्थान पर जोर

सांप्रदायिक शक्तियों के विरुद्ध एकजुटता का संकल्प

चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में रविवार को देश के महान सामाजिक योद्धा, डीएस-4 के संस्थापक और शोषित-वंचित समाज के प्रेरणास्रोत मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सपा नेताओं ने उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया और उनके बताए सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

साइकिल क्रांति और वोट के अधिकार की ताकत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रामकिशुन ने कहा कि कांशीराम जी का पूरा जीवन चुनौतियों और संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने विषम परिस्थितियों में दलितों और पिछड़ों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। रामकिशुन ने विशेष रूप से वर्ष 1993 के उस दौर को याद किया जब कांशीराम ने साइकिल से गांव-गांव जाकर लोगों को 'वोट के अधिकार' के प्रति जागरूक किया था। उन्होंने कहा कि इसी जमीनी संघर्ष का परिणाम था कि देश की राजनीति में एक बड़ा परिवर्तन संभव हो सका।

सत्ता परिवर्तन के लिए एकजुटता का आह्वान
पूर्व सांसद ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि आज फिर से वैसी ही एकजुटता की जरूरत है। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई, विशेषकर गैस की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि यदि सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता से दूर रखना है, तो कांशीराम जी की विचारधारा को अपनाकर दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज को एक मंच पर लाना होगा।

अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उत्थान ही मुख्य लक्ष्य
पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाबूलाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कांशीराम की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी पहले थीं। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही सामाजिक न्याय की नींव को मजबूत किया जा सकता है। जयंती समारोह के दौरान प्रेम नाथ तिवारी, डॉ. किशन यादव, शिव मूरत प्रधान, और सुशीला देवी सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कांशीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।