शरद पूर्णिमा पर 5700 दमा मरीजों को खीर मिश्रित औषधि वितरित

डॉ. विकास कुमार गर्ग ने बताया कि आयुर्वेद जीवन का विज्ञान है। यह भारत की प्राचीन और समग्र चिकित्सा पद्धति है, जो बीमारी को रोकने, ठीक करने और जीवन को बनाए रखने पर केंद्रित है।
 

शरद पूर्णिमा पर दवा वितरण शिविर का आयोजन

अग्रवाल सेवा संस्थान में 5700 लोगों ने औषधि ग्रहण की

शिविर ने दमा पीड़ितों में राहत और जागरूकता बढ़ाई

चंदौली जिले के मुगलसराय में शहर के अग्रवाल सेवा संस्थान में रविवार देर रात समाजसेवी डॉ. विकास कुमार गर्ग की ओर से दमा पीड़ितों के लिए विशेष दवा वितरण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में कुल 5,700 लोगों ने खीर मिश्रित औषधि ग्रहण की। शिविर में देश के कोने-कोने से मरीज पहुंचे और इस आयुर्वेदिक उपचार का लाभ उठाया।

मुख्य अतिथि और नगर भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि बीते 34 वर्षों से एक कथन नगर में चरितार्थ हो रहा है – “जियो मगर दूसरों के लिए।” यह बात पहले सुरेश कुमार गर्ग ने कही थी, और आज उनके पुत्र डॉ. विकास कुमार गर्ग ने इस विरासत को संजोकर हर वर्ष निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया।

डॉ. विकास कुमार गर्ग ने बताया कि आयुर्वेद जीवन का विज्ञान है। यह भारत की प्राचीन और समग्र चिकित्सा पद्धति है, जो बीमारी को रोकने, ठीक करने और जीवन को बनाए रखने पर केंद्रित है। आयुर्वेद शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने के लिए योग, ध्यान, हर्बल उपचार, आहार में बदलाव और प्राकृतिक उपचार का उपयोग करता है। उन्होंने बताया कि शिविर में वितरित औषधि हैदराबाद के सुविचार आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुरेंद्र शर्मा द्वारा तैयार की गई थी। विशेष नक्षत्र में इसके सेवन से अत्यधिक लाभ होता है।

शिविर में समाजसेवी पराग गर्ग, कवलजीत सिंह, जगजीत सिंह, नरेंद्र अरोड़ा, डॉ. ऋषि सहित कई अन्य प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे और उन्होंने इस आयुर्वेदिक पहल की सराहना की।

यह शिविर नगर में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य जागरूकता और निशुल्क चिकित्सा सेवा का महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हुआ, जिससे न केवल दमा पीड़ितों को राहत मिली, बल्कि लोगों में आयुर्वेदिक उपचार के प्रति विश्वास और जागरूकता भी बढ़ी।