सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने की  SIT जांच की मांग, पुलिस को दी फर्जी एनकाउंटर न करने की चेतावनी

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने चंदौली पुलिस की कार्यशैली पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि "स्थानीय पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रही है।
 

रोहिताश पाल हत्याकांड को लेकर सपा आक्रामक


सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल पीड़ित परिवार से मिले


पुलिस पर लगाया 'सत्ता पक्ष के दबाव में' काम करने का आरोप

पुलिस को दी फर्जी एनकाउंटर न करने की चेतावनी

चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) के दवा व्यापारी रोहिताश पाल की 18 नवंबर की रात हुई सनसनीखेज हत्या के बाद चंदौली में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के साथ चंदौली के सपा सांसद वीरेन्द्र सिंह, सकलडीहा के सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लालबिहारी यादव सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रही पुलिस: श्याम लाल पाल
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने चंदौली पुलिस की कार्यशैली पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि "स्थानीय पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रही है।" उन्होंने जिले में हुई पिछली कई हत्याओं को भी गिनाया, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं।

सपा नेता ने मांग की कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल एक SIT (Special Investigation Team) का गठन किया जाए, जो बिना किसी राजनीतिक दबाव के जांच कर सके।

भाजपा मंत्री भी कर चुके हैं मुलाकात
गौरतलब है कि रोहिताश पाल हत्याकांड के बाद जिले का प्रशासन और सत्ताधारी दल भी सक्रिय है। सपा प्रदेश अध्यक्ष के दौरे से एक दिन पहले, शनिवार को ही भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी और उन्हें न्याय का भरोसा दिया था। वहीं, शनिवार को ही एडीजी पीयूष मोर्डिया और डीआईजी वैभव कृष्ण ने भी घटनास्थल का दौरा कर जांच की प्रगति का जायजा लिया था।

दोनों प्रमुख दलों के बड़े नेताओं की लगातार हो रही मुलाकातों से स्पष्ट है कि यह हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक मामला न रहकर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। सपा ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है, जबकि भाजपा न्याय का आश्वासन देकर स्थिति को संभालने में जुटी है।