साइबर अपराधों से बचने के लिए विशेष साइबर जागरूकता अभियान, जानिए किन बातों का रखना होगा ध्यान
साइबर फ्रॉड से बचाव को लेकर बड़ा जागरूकता
साइबर जागरुकता कार्यक्रम में पहुंची ADG
DIG ने पब्लिक को दिए गए अहम सुरक्षा टिप्स
चंदौली जनपद में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए शुक्रवार को एक विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम SRVS स्कूल मुगलसराय में आयोजित किया गया। जिसमें पुलिस विभाग के अधिकारी, स्कूली बच्चे, रिटायर्ड कर्मी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीजी साइबर सेल ने की, जिन्होंने लोगों को डिजिटल जगत में सुरक्षित रहने के तरीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम के दौरान एडीजी जोन, डीआईजी साइबर सेल और डीआईजी जोन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यमों में बढ़ते साइबर फ्रॉड के तरीकों, उनसे बचाव के उपायों और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत की जाने वाली दर्जनों महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी दी। स्कूली छात्रों को भी डिजिटल सुरक्षा के मूल सिद्धांतों, पासवर्ड सुरक्षा, ओटीपी साझा न करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने जैसी मुख्य बातों के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंदौली चंद्रमोहन गर्ग तथा पुलिस अधीक्षक चंदौली आदित्य लांग्हे ने लोगो को जागरूकते करते हुए कहा साइबर एक्सपर्ट्स ने भी मंच से लोगों को बताया कि साइबर अपराधी किस तरह सोशल इंजीनियरिंग, फिशिंग, फर्जी कॉल, बैंक अपडेट, इनाम जीतने जैसे प्रलोभनों का इस्तेमाल कर लोगों से ठगी करते हैं। उन्होंने साइबर फ्रॉड के शिकार हुए व्यक्तियों को तत्काल इस्तेमाल किए जाने वाले रिकवरी टूल्स और प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी दी, जैसे—1930 हेल्पलाइन नंबर, साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना और बैंक को तुरंत सूचना देना।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन दोनों को डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक करना था, ताकि साइबर अपराधों की रोकथाम में जनभागीदारी बढ़ सके। चंदौली के एसपी ने बताया कि जिले में लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक लोग साइबर अपराधों की बारीकियों को समझ सकें और खुद को सुरक्षित रख सकें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध केवल तकनीकी नहीं, बल्कि जागरूकता का विषय है, और सामूहिक प्रयास से ही इसे रोका जा सकता है।
यह कार्यक्रम लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ और प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा को लेकर मिले ज्ञान को सराहते हुए इसे समय–समय पर आयोजित करने की मांग की।