बिरहा और लोकगायन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर: पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने सींधीताली में किया प्रतिमाओं का अनावरण

 

नियामताबाद के सींधीताली गांव में स्व. रामलाल खलीफा कवि के आवास पर लोकगायन व बिरहा परंपरा के महान रचनाकारों की प्रतिमाओं का लोकार्पण हुआ। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव व बिरहा सम्राट विजयलाल यादव ने लोक संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया।

 
 

सींधीताली गांव में लोक कलाकारों की प्रतिमाओं का लोकार्पण

पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

बिरहा और लोकगीत परंपरा के संरक्षकों का सम्मान

बिरहा सम्राट विजयलाल यादव ने लिया संवर्धन का संकल्प

महान लोकगीत गायकों और रचनाकारों को दी श्रद्धांजलि

चंदौली जिले के नियामताबाद विकासखंड अंतर्गत सींधीताली गांव में रविवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्व. रामलाल खलीफा कवि के पैतृक आवास पर भोजपुरी लोकगायन और बिरहा परंपरा से जुड़े महान कलाकारों व रचनाकारों की प्रतिमाओं का लोकार्पण किया गया। इस दौरान पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

दिग्गज गायकों और रचनाकारों की लगीं प्रतिमाएं
कार्यक्रम के दौरान स्थापित की गई प्रतिमाओं में प्रसिद्ध लोकगीत गायक रामदेव, रामखेलावन तथा लोकगीत रचनाकार चंद्रिका और बच्चन कवि की प्रतिमाएं शामिल हैं। इन महान विभूतियों ने अपनी रचनाओं और गायकी से क्षेत्र की लोक संस्कृति को समृद्ध बनाने में जीवन भर अभूतपूर्व योगदान दिया था, जिसे याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

लोक संस्कृति को सहेजने का आह्वान
मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि बिरहा भारतीय लोकसंस्कृति की एक बेहद महत्वपूर्ण विधा है। इसने सदियों से समाज की भावनाओं, जन-संघर्षों और ऐतिहासिक घटनाओं को लोकगीतों के जरिए जीवंत रखा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिरहा और आल्हा जैसी लोकगायन की परंपराएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना हम सभी का परम कर्तव्य है।

बिरहा सम्राट और ग्रामीणों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद बिरहा जगत के सम्राट विजयलाल यादव और उपस्थित लोगों ने लोकगायन की इस समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने और सहेजने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान रामबली, शिवमूरत राम, शिवमूरत यादव, बेचन यादव, आनंद वकील, चंद्रबली, पप्पू यादव समेत बड़ी संख्या में लोकसंगीत प्रेमी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।