नमामि गंगे अभियान: रतनपुर से डोमरी घाट तक निकली ऐतिहासिक गंगा स्वच्छता पदयात्रा, युवाओं को मिला सम्मान

 

चंदौली में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत 3 किलोमीटर लंबी गंगा स्वच्छता पदयात्रा निकाली गई। सुशीला देवी बालिका विद्यापीठ के 600 से अधिक विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया।

 
 


चंदौली में गंगा स्वच्छता पदयात्रा संपन्न

600 से अधिक छात्र-छात्राओं की सहभागिता

उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं का सम्मान

रतनपुर से पुरानी डोमरी घाट यात्रा

गंगा और पर्यावरण संरक्षण की शपथ

चंदौली जिले में 17 अक्टूबर 2026 को 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और डॉल्फिन संरक्षण को लेकर एक भव्य जागरूकता पदयात्रा निकाली गई। जिलाधिकारी चंदौली चंद्र मोहन गर्ग तथा प्रभागीय वनाधिकारी (काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर, वाराणसी) बी. शिव शंकर के दिशानिर्देशों पर जिला परियोजना अधिकारी दर्शन निषाद द्वारा इस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

विधायक प्रतिनिधि ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

इस ऐतिहासिक पदयात्रा का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद विधायक रमेश जायसवाल के प्रतिनिधि संजय पासवान ने हरी झंडी दिखाकर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संत प्रमुख श्री छेदी स्वामी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ सदस्य प्रभु प्रजापति ने की। यह 3 किलोमीटर लंबी पदयात्रा रतनपुर से शुरू होकर भोजपुर और कटेसर होते हुए पुरानी डोमरी गंगा घाट तक पहुंची, जहाँ लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया गया।

600 से अधिक छात्राओं ने गूंजाए गगनभेदी नारे

इस पदयात्रा में सुशीला देवी बालिका विद्यापीठ (रतनपुर, ब्लॉक नियामताबाद) की 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। हाथों में पर्यावरण और गंगा संरक्षण के स्लोगन वाली तख्तियां थामे बच्चे "हर-हर गंगे, नमामि गंगे" और "देश धर्म का नाता है, गंगा हमारी माता है" जैसे गगनभेदी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक व छात्र सम्मानित

पदयात्रा के समापन पर विधायक प्रतिनिधि संजय पासवान द्वारा स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अध्यापकों तथा छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी दर्शन निषाद ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण और डॉल्फिन संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं तथा सभी को गंगा नदी व आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने की शपथ दिलाई।

जन-जन की भागीदारी से सफल होगा नमामि गंगे

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत प्रमुख श्री छेदी स्वामी ने कहा कि गंगा एक धार्मिक नदी है, इसलिए इसे पूरे सम्मान के साथ स्वच्छ रखना हम सभी का धर्म है। वहीं प्रभु प्रजापति ने इसे एक ऐतिहासिक पदयात्रा बताया। अंत में विधायक प्रतिनिधि संजय पासवान ने कहा कि गंगा और उसके तटवर्ती देवालयों को स्वच्छ रखना केवल सरकारी तंत्र की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जन-जन की इसी सोच से नमामि गंगे और पर्यावरण संरक्षण का सपना साकार हो रहा है।