जरा हटकर सेवा: तिलक अस्पताल में गरीबों का मुफ्त इलाज, जांच और मिष्ठान के साथ हुआ सम्मानजनक कंबल वितरण
मुगलसराय के तिलक अस्पताल में स्व. मराछी बिंद की पुण्यतिथि पर आयोजित कंबल वितरण समारोह अपनी सादगी और सेवा भाव के कारण चर्चा में रहा। यहाँ गरीबों को न केवल कंबल दिए गए, बल्कि डॉक्टरों द्वारा मुफ्त इलाज और दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
गरीबों की पहचान उजागर किए बिना सेवा
विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मुफ्त चिकित्सा शिविर
स्वतंत्रता सेनानी परिवार द्वारा कंबल वितरण
मुगलसराय तांगा स्टैंड पर सेवा कार्य
कड़ाके की ठिठुरती ठंड के बीच मुगलसराय स्थित तिलक अस्पताल में एक अनूठा आयोजन देखने को मिला, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। स्वतंत्रता सेनानी खरपतु बिंद की बहू स्व. मराछी बिंद की दसवीं पुण्यतिथि के अवसर पर तिलक अस्पताल प्रबंधन की ओर से विशाल कंबल वितरण और मुफ्त चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि यहाँ 'फोटो खिंचवाने की होड़' के बजाय सेवा भाव को प्राथमिकता दी गई। एआईपीएफ नेता अजय राय ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि एक ही कंबल को पकड़कर कई लोग फोटो खिंचवाते हैं, लेकिन यहाँ बिना किसी दिखावे के हजारों लोगों की मदद की गई।
मुफ्त इलाज, जांच और मिष्ठान से हुआ गरीबों का स्वागत
तिलक अस्पताल की प्रबंधक विमला बिंद द्वारा आयोजित इस शिविर में केवल कंबल ही नहीं बांटे गए, बल्कि आए हुए सभी जरूरतमंदों का एमबीबीएस डॉक्टरों द्वारा मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। मरीजों को कई तरह की आवश्यक जांचें और दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं। अस्पताल प्रशासन ने आए हुए लोगों के लिए मिष्ठान की भी व्यवस्था की थी। सह प्रबंधक अरुण बिंद और बचाऊ बिंद ने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य केवल कंबल बांटना नहीं, बल्कि उन लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाना है जो आर्थिक अभाव के कारण अपना इलाज नहीं करा पाते।
तांगा स्टैंड पर रिक्शा चालकों के बीच पहुँचे तिलकधारी बिंद
कार्यक्रम के दूसरे चरण में पूर्व जिला पंचायत सदस्य और बसपा नेता तिलकधारी बिंद मुगलसराय के तांगा स्टैंड पहुँचे। उन्होंने ठिठुरती रात में काम करने वाले रिक्शा चालकों के बीच जाकर उन्हें कंबलों का वितरण किया और मिष्ठान खिलाया। तिलकधारी बिंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका उद्देश्य केवल खानापूर्ति करना या फोटो के जरिए चुनावी फायदा लेना नहीं है। उन्होंने अन्य समाजसेवियों और संस्थाओं से भी अपील की कि वे नि:स्वार्थ भाव से कार्य करें और सरकार भी इस दिशा में केवल कागजी खानापूर्ति के बजाय धरातल पर ठोस काम करे।
बिना वीआईपी कल्चर के संपन्न हुआ भव्य आयोजन
इस आयोजन में किसी 'अति विशिष्ट' अतिथि के बजाय समाज से जुड़े सीधे लोगों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। कार्यक्रम में एआईपीएफ सदस्य गीता राय, चंदौली की पूर्व सभासद अर्चना, वकील शालीग्राम वियार, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य महेंद्र बिंद सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल हुए। किसी भी प्रकार की भगदड़ या शिकायत के बिना, शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए इस कंबल वितरण ने यह साबित कर दिया कि यदि भावना नेक हो, तो बिना किसी शोर-शराबे के भी समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।