चंदौली जिले के कुंडलिया गांव में 7 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, किसान की साल भर की मेहनत पर पानी फिरा

 

चंदौली के नियामताबाद ब्लॉक में भीषण अग्निकांड ने किसान की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया। कुंडलिया गांव में 7 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। दमकल विभाग ने मौके पर पहुँचकर बड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया।

 
 

कुंडलिया गांव में फसल में भीषण आग

किसान छबिराम सिंह का भारी आर्थिक नुकसान

7 बीघा गेहूं की पकी फसल राख

दमकल विभाग की टीम ने पाया काबू

प्रशासन से मुआवजे की लगाई गुहार

चंदौली जनपद अंतर्गत नियामताबाद ब्लॉक के कुंडलिया गांव में गुरुवार को उस समय कोहराम मच गया, जब एक पके हुए गेहूं के खेत में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि आसपास के खेतों तक दहशत फैल गई। इस भीषण अग्निकांड में किसान की करीब 7 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई है। फसल कटाई के मुहाने पर थी, लेकिन कुदरत के इस कहर ने किसान के अरमानों पर पानी फेर दिया।

धुएं का गुबार देख ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, कुंडलिया गांव के सिवान में दोपहर के समय अचानक आग सुलग उठी। तेज हवाओं के कारण लपटों ने तेजी से विस्तार किया और पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया। खेत से उठते काले धुएं और लपटों को देखकर आसपास के ग्रामीण और किसान बदहवास होकर मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पंपसेट और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मानवीय प्रयास नाकाफी साबित हुए।

फायर ब्रिगेड की सक्रियता से टला बड़ा हादसा
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुँची। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से मोर्चा संभाला और काफी जद्दोजहद के बाद आग को अन्य खेतों में फैलने से रोका। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिससे आसपास के दर्जनों बीघा फसल को जलने से बचा लिया गया। हालांकि, तब तक प्रभावित किसान छबिराम सिंह का सब कुछ लुट चुका था। उनकी 7 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे उन्हें लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।

लापरवाही या हादसा? जांच में जुटा प्रशासन
आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों के बीच इस बात की चर्चा है कि शायद किसी राहगीर द्वारा लापरवाही से फेंकी गई बीड़ी या सिगरेट के टुकड़े से सूखे गेहूं के डंठल ने आग पकड़ ली होगी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मामले की जांच कर रही है ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

प्रभावित किसान ने लगाई मुआवजे की गुहार
पकी-पकाई फसल के इस तरह राख हो जाने से पीड़ित किसान छबिराम सिंह का परिवार गहरे सदमे में है। पूरे साल की मेहनत और लागत चंद मिनटों में धुएं में बदल गई। क्षेत्र के अन्य किसानों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसान को तत्काल उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में अग्निशमन केंद्रों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।