नौगढ़ में जल जीवन मिशन के गड्ढे में महिला गिरी, ट्रॉमा सेंटर के लिए हुई रेफर
अत्यधिक रक्त स्राव होने से लड़ रही है जिंदगी और मौत की जंग
हालत गंभीर होने पर ट्रॉमा सेंटर के लिए हो गई रेफर
बिना बैरिकेडिंग के ही चल रहा है तो काम
रोज़ बनी रहती है जान की जोखिम
घटना के बाद ग्रामीण बोले—पहले सुरक्षा, फिर काम
चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में नौगढ़–सोनभद्र मुख्य मार्ग पर जल जीवन मिशन द्वारा बिछाई जा रही पाइपलाइन ने अब सड़क को ‘दुर्घटना ज़ोन’ में बदल दिया है। तेंदुआ गांव के पास खुले गड्ढों पर न बैरिकेडिंग है, न चेतावनी बोर्ड। इसी खतरनाक लापरवाही का शिकार हुई मझगांवां गांव की शिवकुमारी, जो बाइक सहित सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरीं।
आपको बता दें कि आए दिन रात के समय यह मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है क्योंकि अंधेरा बढ़ने पर गड्ढे बिल्कुल दिखाई नहीं देते। कई दोपहिया वाहन पहले भी फिसलकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन विभाग ने सबको अनदेखा कर दिया। लगातार डर का माहौल है कि अगला हादसा किसके साथ होगा।
चकरघटृटा थाना के पंचायत मझगावां निवासी शिवकुमारी अपने पति के साथ नौगढ़ बाजार में खरीदारी के लिए आ रही थीं। सामने से आ रहे वाहन से बचने के लिए बाइक किनारे चली गई और बिना निशान वाले गड्ढे में जा गिरी। हादसा इतना तेज़ था कि महिला के सिर में गंभीर चोटें आईं और हालत बिगड़ती गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक गड्ढे में गिरते ही दोनों कई फीट दूर जाकर गिरे। महिला को उठाने तक वह बेहोशी की हालत में थी और निरंतर खून बह रहा था। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय पर एंबुलेंस न पहुंचती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
ग्रामीणों में उबाल
लोगों ने फौरन 108 एंबुलेंस बुलाकर दोनों को बाहर निकाल मेडिकल सहायता दिलाई। डॉक्टर नीरज कुमार ने बताया कि सिर की गंभीर चोट और रक्तस्राव के कारण स्थिति गंभीर थी, इसलिए तेजी से ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि सिर पर लगी चोट गहरी है, जिसे विशेषज्ञ निगरानी की जरूरत है। दूसरी ओर ग्रामीणों ने अस्पताल में भी विभागीय लापरवाही को लेकर नाराज़गी जताई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधरेगी, तब तक बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी।