नौगढ़ में वन भूमि पर संग्राम: 70-80 लोगों पर केस, 7 थानों की फोर्स तैनात, दहशत में ग्रामीण

 

चंदौली के भरदुआ गांव में वन भूमि से कब्जा हटाने पहुंची टीम पर पथराव के बाद भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिसिया कार्रवाई के डर से ग्रामीण घरों में ताला बंद कर गांव छोड़ने को मजबूर हैं।

 
 

चंदौली के भरदुआ गांव में पसरा सन्नाटा

वन भूमि अतिक्रमण हटाने पर ग्रामीणों का पथराव

पुलिस कार्रवाई के खौफ से गांव खाली

20 नामजद और 80 अज्ञात पर केस दर्ज

नौगढ़ वन भूमि पर भारी पुलिस बल तैनात

 चंदौली जिले के चकरघट्टा थाना क्षेत्र स्थित भरदुआ गांव में पिछले दो दिनों से अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के कई परिवारों ने अपने-अपने घरों पर ताला लगा दिया है और वे गांव छोड़कर चले गए हैं। ग्रामीणों के मन में इस बात का डर है कि पुलिस उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है या फिर उन्हें किसी फर्जी मुकदमे में फंसा सकती है।

अतिक्रमण हटाने के दौरान बढ़ा विवाद
यह पूरा मामला 19 अगस्त का है, जब वन विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम भरदुआ गांव में 30 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध कब्जा हटवाने पहुंची थी। जब टीम ने कार्रवाई शुरू की, तो स्थानीय वनवासियों और आदिवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया। देखते ही देखते मौके पर तनाव काफी बढ़ गया और हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

पथराव में एसडीएम गार्ड समेत 9 लोग घायल
विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर अचानक पथराव कर दिया। इस हमले में एसडीएम के गार्ड समेत कुल 9 लोग घायल हो गए। स्थिति बिगड़ने पर एसपी आकाश पटेल 7 थानों की पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद अफसरों ने बिना पीछे हटे विवादित जमीन पर अपना कब्जा ले लिया। मामले में पुलिस ने 20 नामजद और 80 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

दहशत में ग्रामीण, पुलिस पर आरोप
घटना के बाद से गांव में बड़े पैमाने पर पुलिस और पीएसी जवानों की तैनाती कर दी गई है। विशेषरपुर के कृष्ण कुमार गोंड का आरोप है कि पुलिस ने काफी आक्रामक रुख अपनाया था और महिलाओं व पुरुषों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। वहीं भरदुआ की इंद्रावती देवी और रिनू देवी का कहना है कि बेकसूर लोगों को परेशान किया जा रहा है और पुलिस उनका ट्रैक्टर तक उठाकर थाने ले गई है। डर के मारे लोग एक-एक कर गांव छोड़ रहे हैं।

उपद्रवियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
मामले में चंदौली के एसपी ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस हिंसक घटना में 70 से 80 लोग शामिल थे। पुलिस अब वीडियो फुटेज, तस्वीरों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। एसपी ने साफ कहा है कि सरकारी काम में बाधा डालने, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर हमला करने और हिंसा फैलाने वाले हर एक आरोपी को चिन्हित कर सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाएगा और उन्हें जल्द जेल भेजा जाएगा।