जंगल के गांवों में आएगा BSNL नेटवर्क: चकिया और नौगढ़ के 4 गांवों में लगेंगे नए BSNL टावर

 

चंदौली के चकिया और नौगढ़ के 4 दूरदराज गांवों में BSNL के मोबाइल टावर (BTS) लगाने की हरी झंडी मिल गई है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की पहल से अब इन वनांचल क्षेत्रों में बेहतर नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा।

 
 

चंदौली के वनांचल गांवों में पहुंचेगा नेटवर्क

चकिया और नौगढ़ में 4 BSNL टावर मंजूर

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की सफल पहल

दूरदराज गांवों में मिलेगी हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा

13 अन्य गांवों में भी जल्द लगेंगे टावर

चंदौली जिले के सीमावर्ती और जंगलों से घिरे वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से नेटवर्क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों तक अब डिजिटल सेवाएं पहुंचाने की तैयारी पूरी हो गई है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने चकिया और नौगढ़ विकास खंड के चार ऐसे गांवों में BSNL का मोबाइल बीटीएस (बेस ट्रांसीवर स्टेशन) यानी मोबाइल टावर लगाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है, जहाँ अब तक कोई नेटवर्क नहीं था।

डीएम चंद्र मोहन गर्ग के प्रयासों का दिखा असर
इन दूरदराज के इलाकों में मोबाइल टावर मंजूर होना जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के लगातार प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए दूरसंचार विभाग के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कीं और लगातार पत्राचार किया। डीएम की इस मजबूत पैरवी की बदौलत ही छितमपुर, चिकनी, देवरी कला और ताला गांव में BSNL के नए टावर लगाने की स्वीकृति मिल पाई है।

ग्रामीणों को मिलेंगे कई बड़े फायदे
गांवों में BSNL के मोबाइल टावर लगने से स्थानीय निवासियों की जिंदगी काफी आसान हो जाएगी। अब उन्हें बात करने के लिए नेटवर्क की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा। बेहतर वॉयस कॉलिंग के साथ-साथ लोगों को हाई-स्पीड इंटरनेट भी मिलेगा। इससे गांव के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल सामग्री तक पहुँच आसान हो जाएगी। इसके अलावा यूपीआई से पैसों का लेन-देन और किसी बीमारी या आपात स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस बुलाना भी मुमकिन हो सकेगा।

13 अन्य गांवों में भी जल्द लगेंगे टावर
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सिर्फ इन्हीं चार गांवों तक काम सीमित नहीं रहेगा। चकिया और नौगढ़ विकास खंड के 13 और ऐसे नेटवर्क-विहीन गांवों की सूची तैयार की गई है। इन गांवों में भी BSNL के बीटीएस टावर स्थापित करने का प्रस्ताव बनाकर दूरसंचार विभाग को भेजा जा चुका है। फिलहाल यह प्रस्ताव प्रक्रिया में है और जैसे ही वहां से मंजूरी मिलेगी, उन गांवों में भी टावर लगाने का काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।

प्रशासन का मकसद- हर नागरिक तक पहुंचे नेटवर्क
जिला प्रशासन का साफ कहना है कि जिले के हर नागरिक तक बिना रुकावट के अच्छी दूरसंचार सेवाएं पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है। जंगलों और पहाड़ियों से घिरे दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार तालमेल बनाकर काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में जिले का कोई भी गांव नेटवर्क की सुविधा से अछूता नहीं रहेगा।