थाने के अंदर ही टूट गया अनुशासन: ड्यूटी पर पहुंचे PRD जवान से मारपीट का आरोप, सिपाही की करतूत से उठे सवाल

 

चंदौली के चकरघट्टा थाने में सोमवार रात ड्यूटी पर पहुंचे PRD जवान से मारपीट और अभद्रता का आरोप लगा है। पीड़ित जवान का कहना है कि थाने में तैनात सिपाही ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसकी आंख में चोट आई है।

 
 

चकरघट्टा थाने के भीतर PRD जवान से अभद्रता का आरोप

यूपी-112 की फाइल लेकर पहुंचे जवान की आंख में आई चोट

सिपाही भूपेन्द्र भारतीय पर लगा मारपीट और गाली-गलौज का आरोप

क्षेत्राधिकारी (CO) नौगढ़ देवेंद्र कुमार तक पहुंची लिखित शिकायत

पुलिस महकमे के आंतरिक अनुशासन पर खड़े हुए गंभीर सवाल

चंदौली जिले के नौगढ़ सर्किल अंतर्गत चकरघट्टा थाने में सोमवार रात करीब 10 बजे एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। यूपी-112 की नौगढ़ गाड़ी में तैनात पीआरडी (PRD) जवान सुनील कुमार एक जरूरी फाइल लेकर चकरघट्टा थाने पहुंचे थे। पीड़ित जवान का आरोप है कि जैसे ही वह थाने के अंदर दाखिल हुए, वहां तैनात सिपाही भूपेन्द्र भारतीय ने उन्हें रोक लिया और बिना वजह गाली-गलौज करने लगा।

मारपीट में आंख में आई चोट

पीड़ित पीआरडी जवान के अनुसार, देखते ही देखते सिपाही की अभद्रता मारपीट में बदल गई। सिपाही ने थाने के भीतर ही उनके साथ हाथापाई की, जिससे उनकी आंख में चोट आ गई। थाने के अंदर अचानक हुए इस शोर-शराबे और हंगामे को सुनकर मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मी दौड़े और किसी तरह बीच-बचाव कराकर मामले को शांत कराया।

क्या थाने के भीतर खत्म हो गया अनुशासन?

यह घटना सिर्फ दो कर्मचारियों की आपसी कहासुनी भर नहीं है, बल्कि यह पुलिस विभाग के अनुशासन और कार्यसंस्कृति पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जो पीआरडी जवान यूपी-112 जैसी आपातकालीन सेवा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, अगर वे थाने के भीतर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पुलिस महकमे के लिए चिंता का विषय है। थाने के भीतर वर्दीधारी ही एक-दूसरे पर हाथ उठाने के आरोप झेल रहे हैं, जो विभाग की साख को बट्टा लगा रहा है।

क्षेत्राधिकारी तक पहुंची लिखित शिकायत

घटना के बाद पीड़ित पीआरडी जवान सुनील कुमार ने हिम्मत जुटाकर पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) नौगढ़ देवेंद्र कुमार से मुलाकात की और उनके समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी सिपाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्राधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है।

कड़ी कार्रवाई की उठ रही मांग

अब पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में सिर्फ जांच के नाम पर बयानों की औपचारिकता पूरी की जाएगी या फिर आरोपी सिपाही पर ऐसी ठोस कार्रवाई होगी जो पूरे जिले के पुलिस महकमे में अनुशासन की मिसाल बने। स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस कप्तान को अपने महकमे के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे।