अब चकिया-नौगढ़ के जंगलों पर चलेगा बुलडोजर, 1 से 15 सितंबर तक 50 बीघे से बड़े कब्जों पर कसेगा शिकंजा

 

चंदौली के चकिया और नौगढ़ के जंगलों में 1 से 15 सितंबर तक बड़ा बुलडोजर अभियान चलने जा रहा है। DFO बी शिवशंकर के नेतृत्व में 50 बीघे से अधिक के बड़े कब्जों की कुंडली तैयार की जा रही है, जिस पर शासन की सीधी नजर है।

 
 

1 से 15 सितंबर तक चलेगा बुलडोजर

50 बीघे से बड़े कब्जों पर होगी कार्रवाई

DM, SP और DFO की बनेगी संयुक्त टीम

लखनऊ से जारी हुआ विशेष अभियान आदेश

सोनभद्र सांसद ने भी उठाया था कब्जा मुद्दा

चंदौली जिले के चकिया और नौगढ़ के वन क्षेत्रों में अवैध कब्जेदारों की अब खैर नहीं है। लखनऊ से आदेश जारी होते ही वन विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। 1 से 15 सितंबर 2026 तक पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। इस बार निशाने पर सिर्फ छोटे-मोटे कब्जे नहीं, बल्कि जंगल की जमीन पर 50 बीघे से ज्यादा क्षेत्र में पैर पसार चुके बड़े भू-माफिया हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी के फरमान के बाद विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।

DM, SP और DFO की टास्क फोर्स उतारेगी मैदान
इस बार की कार्रवाई सिर्फ स्थानीय स्तर की नहीं है, बल्कि इस पर शासन की सीधी नजर बनी हुई है। जिन मामलों में अदालत से स्टे नहीं है, उन सभी अवैध कब्जों पर जिला स्तरीय 'एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स' के जरिए कार्रवाई होगी। इस अभियान में जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और उप वन संरक्षक (DFO) की संयुक्त भूमिका रहेगी। पूरी कार्रवाई की रोजाना प्रगति रिपोर्ट लखनऊ शासन को भेजी जाएगी, जिससे अधिकारियों पर भी पारदर्शी काम करने का दबाव रहेगा।

50 से 150 बीघे के कब्जों की बन रही है कुंडली
डीएफओ बी शिवशंकर (IFS) ने चकिया, नौगढ़, मझगांई, जयमोहनी और मूसाखाड़ रेंजों के अधिकारियों को 50 बीघे से अधिक के बड़े कब्जों की सूची बनाने का निर्देश दिया है। कहां कितनी जमीन पर कब्जा है और पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी पूरी कुंडली तैयार हो रही है।

इलाके में 100 से 150 बीघे तक की वन भूमि पर बड़े लोगों के कब्जों की चर्चा सालों से होती रही है। सोनभद्र के सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार ने भी यह मुद्दा उठाया था कि छोटे कब्जों पर तुरंत कार्रवाई हो जाती है, लेकिन बड़े कब्जों को छोड़ दिया जाता है। अब देखना होगा कि इस बार प्रशासन कितनी सख्ती दिखाता है।

DFO बी शिवशंकर की खास रणनीति: खाली जमीन पर पौधरोपण
बीते एक साल से वन भूमि से कब्जे हटवाने में जुटे DFO बी शिवशंकर की कार्यशैली की विभाग में काफी तारीफ हो रही है। उन्होंने सिर्फ बुलडोजर चलाकर कब्जा ही नहीं हटवाया, बल्कि खाली कराई गई जमीन पर तुरंत पौधरोपण कराकर उसे दोबारा हरे-भरे जंगल में तब्दील करने का काम भी किया। उनकी रणनीति साफ रही है—पहले जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और फिर पेड़ लगाकर उसे भविष्य के लिए सुरक्षित कर दिया जाए। इसी सोच के साथ अब बड़े कब्जों के खिलाफ भी पूरी तैयारी कर ली गई है।

कब्जेदारों में हड़कंप, 1 सितंबर का इंतजार
बड़े वन अतिक्रमण से केवल सरकारी जमीन का नुकसान नहीं होता, बल्कि वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास, पानी के स्रोत और पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ता है। शासन के कड़े रुख और तारीख तय होने के बाद से ही भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारों के पेट में दर्द शुरू हो गया है। अब पूरे जिले की नजरें 1 सितंबर पर टिकी हैं कि बुलडोजर की पहली चोट किस बड़े कब्जे पर पड़ती है।