नौगढ़ के भरदुआ कांड पर गरजे सांसद: पुलिस जीप में बिलखती महिलाओं को देख CO-RFO को लताड़ा, कही बड़ी बात 

 

भरदुआ गांव में हुई कार्रवाई के बाद पीड़ितों से मिलने पहुंचे सोनभद्र सांसद छोटेलाल खरवार अधिकारियों पर जमकर बरसे। थाने में CO और RFO को लताड़ने के बाद उन्होंने बिलखती बेटियों को इंसाफ दिलाने और संसद तक मामला ले जाने का वादा किया।

 

भरदुआ में बिलखती बेटियों पर भड़के सांसद

नौगढ़ थाने में CO पर बरसे सांसद छोटेलाल

RFO को लताड़ा, बाहरी गुंडों पर पूछे सवाल

'क्या महिलाएं पाकिस्तान की जासूस हैं' बोले सांसद

निर्दोषों को इंसाफ और मुआवजे की मांग

चंदौली जिले की तहसील नौगढ़ अंतर्गत भरदुआ गांव में जो कुछ हुआ, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब सोनभद्र के सांसद छोटेलाल खरवार पीड़ित परिवारों और बेटियों का दर्द सुनने पहुंचे, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। थाने से लेकर अस्पताल तक सांसद का बस एक ही कड़ा रुख था कि "जब मेरे क्षेत्र की बेटियां रो रही हैं, तो मैं चुप कैसे बैठ सकता हूं?"

नौगढ़ थाने में सीओ पर भड़के सांसद, टेबल पर पटकी फाइल

सांसद सुबह 11 बजे सीधे नौगढ़ थाने पहुंचे। वहां पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) को सामने बैठाकर उन्होंने गुस्से में फाइल पटक दी। कड़े तेवर दिखाते हुए सांसद ने पूछा, "सीओ साहब, यह क्या तमाशा बना रखा है? रात के अंधेरे में बेटियों को घर से उठाकर लाए हो? जिन हाथों में चूड़ियां हैं, उन्हें तोड़ दिया? यह न्याय है या सरेआम जुल्म?"

RFO से पूछा- 50 बाहरी गुंडे किसके कहने पर आए थे?

सीओ कुछ जवाब दे पाते, उससे पहले ही सांसद ने वन क्षेत्राधिकारी (RFO) अमित श्रीवास्तव को तलब कर लिया। उन्होंने ऊंची आवाज में पूछा, "आरएफओ साहब, जरा जवाब दीजिए... सरकारी अभियान में 50 बाहरी गुंडे-बदमाश कैसे घुस आए? वे न वर्दी में थे और न ही उनके पास कोई आईडी थी। लाठी-डंडे लेकर वे किसके इशारे पर आए थे? क्या वन विभाग गुंडों को साथ लेकर गरीबों को पिटवा रहा है?"

अस्पताल में रो पड़ीं बेटियां, सांसद बोले- ये पाकिस्तान की जासूस नहीं हैं

थाने के बाद सांसद सीधे सीएचसी नौगढ़ पहुंचे। वहां पुलिस की गाड़ी में बैठी भरदुआ की बेटियां सांसद को देखते ही रो पड़ीं और चिल्लाने लगीं, "बेटा हमें बचा लो, हम बेकसूर हैं।" बेटियां गाड़ी से उतरकर सांसद के पास पहुंचीं—किसी के हाथ में सूजन थी तो किसी के सिर पर पट्टी बंधी थी। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो सांसद का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पुलिस को फटकारते हुए कहा, "हाथ उठाने से पहले नहीं सोचा था? क्या ये पाकिस्तान की जासूस हैं जो भाग जाएंगी? इन्हें अपनी बात बोलने दो।"

'मसीहा AC में बैठे हैं, आपका बेटा आपके साथ खड़ा है'

पीड़ित महिलाओं ने रोते हुए बताया कि वे मजदूरी करती हैं। 19 तारीख को 50 अनजान लोग आए थे, जिन्होंने पहले उन्हें और फिर वनकर्मियों को मारा। अब उल्टा उन्हें ही जेल भेजा जा रहा है। उनकी बातें सुनकर भावुक हुए सांसद ने सहारा देते हुए कहा, "चुनाव में जो मसीहा बनते हैं, वे आज एसी कमरों में बैठे हैं। लेकिन आपका सांसद छोटेलाल यहीं खड़ा है। कोई भी बेकसूर जेल नहीं जाएगा और लाठी चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।"