नौगढ़ के जंगलों में डीएफओ का 'ड्रोन स्ट्राइक': पांच घंटे तक तपती धूप में जंगल-जंगल घूमे DFO, हांफते रहे रेंजर
चंदौली के नौगढ़ और मझगाई रेंज में डीएफओ ने ड्रोन कैमरे से वृक्षारोपण और गड्ढों की डिजिटल गणना कराकर वन विभाग के स्टाफ की सांसें अटका दीं। लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई है।
ड्रोन कैमरे से हुई डिजिटल गणना
तपती धूप में 5 घंटे निरीक्षण
अग्रिम मृदा कार्यों की गहन पड़ताल
बाघी पौधशाला में 5 लाख पौधे
दोषी कर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
चंदौली जिले की नौगढ़ तहसील और मझगाई रेंज के जंगलों में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब डीएफओ बी शिव शंकर अचानक वृक्षारोपण कार्यों का स्थल निरीक्षण करने पहुँच गए। भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच डीएफओ करीब पांच घंटे तक जंगल-जंगल घूमकर अग्रिम मृदा कार्यों (एडवांस सॉइल वर्क) की हकीकत परखते रहे। इस दौरान उन्होंने तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरे से गड्ढों और बोनानाली की डिजिटल गणना कराई, जिससे मौके पर मौजूद रेंजर और वनकर्मियों के पसीने छूट गए।
ड्रोन सर्वे से खुलेगी कार्यों की जमीनी हकीकत
डीएफओ ने सामाजिक वानिकी योजना के तहत मझगाई रेंज के कुड़नवा प्रथम, कुड़नवा द्वितीय, लकड़िया बाबा, बरवाटाड़, मरहा नाला, सोडा नाला, सेमरा नाला और बैरगाढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का सघन निरीक्षण किया। इसके साथ ही नौगढ़ रेंज के ठेकहा और बरवाटांड़ स्थलों का भी जायजा लिया गया।
निरीक्षण की खास बात यह रही कि ड्रोन कैमरे के जरिए बोनानाली, खुदे हुए ट्रेंच और गड्ढों की सटीक डिजिटल मैपिंग और गणना की गई। विभागीय सूत्रों का कहना है कि ड्रोन से मिली रिपोर्ट का मिलान अब सरकारी रिकॉर्ड से किया जाएगा। यदि कागजों पर दर्ज संख्या और जमीनी स्थिति में अंतर पाया गया, तो संबंधित क्षेत्र के रेंजरों, बीट प्रभारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
पुराने वृक्षारोपण स्थलों की भी हुई पड़ताल
डीएफओ ने केवल नए कार्यों तक ही सीमित न रहकर पिछले वर्ष के वृक्षारोपण स्थलों की भी सूक्ष्म जांच की। उन्होंने नौगढ़ रेंज के ठेकहा रोपावनी स्थल के साथ-साथ जयमोहनी रेंज के बैरहा बंधी और लक्ष्मीटांड़ का निरीक्षण किया। वहां मौजूद पौधों की स्थिति और उनकी उत्तरजीविता (Survival) को देखा गया। उन्होंने स्टाफ को निर्देशित किया कि पौधों का संरक्षण सर्वोपरि है और इसमें नियमित निगरानी व सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाघी पौधशाला में तैयार हो रहे पांच लाख पौधे
अपने निरीक्षण अभियान के दौरान डीएफओ बी शिव शंकर बाघी पौधशाला भी पहुँचे। वहां मौजूद रेंजर अमित श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि नर्सरी में आगामी सत्र के लिए करीब पांच लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि, निरीक्षण के दौरान डीएफओ को कई स्थानों पर लापरवाही दिखाई दी, जिस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए स्टाफ को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने निर्देश दिया कि पौधों की समय से निराई-गुड़ाई और प्रिकिंग (Pricking) कार्य पूरा किया जाए ताकि पौधों की गुणवत्ता प्रभावित न हो। डीएफओ ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता और वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव, गुरुदेव सिंह, महेंद्र प्रताप चौहान सहित कई वनकर्मी मौजूद रहे।