बिहार के रास्ते बंगाल भेजने की थी तैयारी, नौगढ़ पुलिस ने 20 गोवंशों के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
चंदौली की नौगढ़ पुलिस ने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर गोवंशों को बिहार ले जा रहे तीन तस्करों को दबोच लिया है। आरोपियों के कब्जे से 20 गोवंश बरामद हुए हैं, जिन्हें क्रूरतापूर्वक बांधकर वध के लिए ले जाया जा रहा था।
नौगढ़ पुलिस की औरवाटाड़ जंगल में बड़ी कार्रवाई
20 राशि जिंदा गोवंश क्रूरता से मुक्त कराए गए
बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल भेजने की थी योजना
तस्करी में शामिल तीन स्थानीय अभियुक्त गिरफ्तार
गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
चंदौली जिले में गो-तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नौगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 10 मई 2026 की शाम, पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर औरवाटाड़ जंगल में घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने वध के उद्देश्य से बिहार ले जाए जा रहे 20 राशि जिंदा गोवंशों को बरामद किया। अंधेरे और जंगल का लाभ उठाकर भागने की कोशिश कर रहे तीन अभियुक्तों को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
सस्ते दाम में खरीदकर बंगाल भेजने का था प्लान
गिरफ्तार अभियुक्तों—मनोज कोल, राम मूरत कोल और मुन्ना प्रसाद कोल—ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। तस्करों ने बताया कि वे आसपास के गांवों से सस्ते दामों पर गोवंश खरीदते थे। पुलिस की नजरों से बचने के लिए वे लौवारी और लेडहा के घने जंगलों का रास्ता चुनते थे। इन गोवंशों को क्रूरतापूर्वक एक-दूसरे से बांधकर पैदल हांकते हुए औरवाटाड़ जंगल के रास्ते बिहार के करकटगढ़ ले जाया जाता था। वहां से इन पशुओं को ऊंचे दामों पर पश्चिम बंगाल में वध के लिए भेज दिया जाता था। प्राप्त मुनाफे को तीनों आपस में बराबर बांट लेते थे।
अभियुक्तों का विवरण और विधिक कार्रवाई
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में मनोज कोल (25 वर्ष), राम मूरत कोल (50 वर्ष) दोनों निवासी ग्राम नरकटी (सेहुआ) और मुन्ना प्रसाद कोल (35 वर्ष) निवासी लौवारी खुर्द शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ थाना नौगढ़ में मुकदमा अपराध संख्या 49/2026 के तहत उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5A/5B/8 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस अब इनके अन्य आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है।
पुलिस टीम की तत्परता आई काम
इस सफल अभियान का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने किया। टीम में औरवाटाड़ चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धनई प्रसाद, चंद्रप्रभा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक तरुण पाण्डेय, उपनिरीक्षक अभय कुमार सिंह सहित मुख्य आरक्षी सूबेदार सिंह, परशुराम सिंह और आरक्षी सतीश यादव शामिल रहे। उच्चाधिकारियों ने पुलिस टीम की इस तत्परता की सराहना की है। फिलहाल सभी आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।