नौगढ़ तहसील में खूनी संघर्ष: समाधान दिवस में लेखपाल और अधिवक्ताओं के बीच मारपीट, SDM के सामने चली लाठियां

 

चंदौली के नौगढ़ तहसील में शनिवार को 'संपूर्ण समाधान दिवस' के दौरान भारी बवाल हो गया। लेखपाल और अधिवक्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में लाठियां चलीं और सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए गए। SDM की मौजूदगी में हुई इस अराजकता से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।

 
 

समाधान दिवस के दौरान तहसील परिसर में हिंसक झड़प

लेखपाल आकाश दीप के कपड़े और सरकारी अभिलेख फाड़े

वकीलों पर डंडे और रॉड से हमले का गंभीर आरोप

बार एसोसिएशन का पलटवार, लेखपाल पर गाली-गलौज का दावा

पुलिस ने मौके से बरामद की 10-12 अवैध लाठियां

चंदौली जनपद की नौगढ़ तहसील में शनिवार (18 अप्रैल 2026) को उस समय कानून की धज्जियां उड़ गईं, जब 'संपूर्ण समाधान दिवस' के दौरान न्याय की उम्मीद लेकर आए फरियादियों के सामने ही तहसील परिसर युद्ध का मैदान बन गया। SDM विकास मित्तल की अध्यक्षता में चल रही बैठक के बीच ही लेखपालों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते परिसर में लाठियां चलने लगीं और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

लेखपाल का आरोप: "सरकारी कागजात फाड़े, जान से मारने की धमकी दी"
पीड़ित लेखपाल आकाश दीप ने थाने में तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि अधिवक्ता विमलेश, अजीत कोल और सत्यानंद तिवारी समेत कई लोगों ने गिरोह बनाकर उन पर जानलेवा हमला किया। लेखपाल के अनुसार, हमलावर डंडे और रॉड से लैस थे। मारपीट के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और सरकारी खसरा व अन्य महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। लेखपाल का दावा है कि उन्हें धमकी दी गई कि "नौगढ़ में नौकरी नहीं करने देंगे।" उन्होंने भागकर समाधान दिवस कक्ष में अधिकारियों के पास अपनी जान बचाई।

अधिवक्ताओं का पलटवार: "जातिसूचक गालियां दी गईं"
दूसरी ओर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र यादव ने लेखपालों के आरोपों को निराधार बताते हुए उन पर ही अभद्रता का आरोप लगाया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि लेखपाल ने अधिवक्ता अजीत कोल के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें जातिसूचक गालियां दीं। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, वे कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे रहेंगे।

मौके से लाठियां बरामद, पर गिरफ्तारी शून्य
हंगामे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रमोद यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने संघर्ष स्थल से करीब 10-12 लाठियां बरामद की हैं। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिसे लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) नामेद्र कुमार ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम का सख्त रुख: "अराजकता बर्दाश्त नहीं"
इस पूरी घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए SDM विकास मित्तल ने कहा कि तहसील परिसर एक गरिमामय स्थान है, जहाँ इस तरह की गुंडागर्दी और अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और हिंसा फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल तहसील परिसर में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।