सादी वर्दी में छात्रों पर हमले से नौगढ़ में फूटा गुस्सा: AIPF ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस व सादे कपड़ों में आए लोगों की कार्रवाई के विरोध में चंदौली के नौगढ़ में AIPF और वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर जांच व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई है।
दिल्ली संसद मार्च छात्र लाठीचार्ज विरोध
नौगढ़ में AIPF कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन
शिक्षा और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग
कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
दिल्ली में 20 जुलाई को संसद मार्च निकाल रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आंच अब चंदौली जिले के नौगढ़ तक पहुंच गई है। शुक्रवार को ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (AIPF) से जुड़े कार्यकर्ताओं और स्थानीय वकीलों ने तहसील परिसर में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार राहुल सिंह के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
सादी वर्दी में गुंडों की तरह हमले का आरोप
प्रदर्शन के दौरान फ्रंट के प्रभारी रहीमुद्दीन ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शांतपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। पुलिस के साथ कुछ ऐसे लोग भी मौजूद थे जो बिना किसी नेमप्लेट और बिना पहचान के सादे कपड़ों में थे। आरोप है कि इन्होंने छात्रों पर हमला किया, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।
सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग
राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में मांग की गई है कि 20 जुलाई की इस पूरी घटना की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या रिटायर्ड जज की देखरेख में कराई जाए। इसके साथ ही सादे कपड़ों में हमला करने वाले अज्ञात लोगों की पहचान उजागर कर उन पर आपराधिक केस दर्ज कर जेल भेजा जाए। इस घटना की निष्पक्ष जांच से ही पूरी सच्चाई जनता के सामने आ पाएगी।
शिक्षा और गृह मंत्री के इस्तीफे पर अड़े प्रदर्शनकारी
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह से घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की है। उनका कहना है कि मंत्रियों को अपनी जवाबदेही तय करते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके अलावा, घायल छात्रों के बेहतर इलाज, उन्हें 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी पुरजोर मांग की गई है।
7 दिनों में कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णानंद मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने 7 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो नौगढ़ से लेकर दिल्ली तक चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस प्रदर्शन के बाद से नौगढ़ का सियासी माहौल काफी गरमा गया है।