नौगढ़ में 10 ग्राम प्रधानों की शिकायत पर झुका प्रशासन: अवैध वसूली के आरोपों के बाद बदले गए सेक्टर प्रभारी, देखें पूरी लिस्ट

 

चंदौली के नौगढ़ विकास खंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के सत्यापन में मनमानी और अवैध वसूली के आरोपों पर डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने बड़ा एक्शन लिया है। एडीओ सुधीर कुमार का सेक्टर प्रभार छीनकर नए अफसरों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

 
 

पीएम आवास योजना के सत्यापन में मनमानी पर कार्रवाई

10 ग्राम प्रधानों ने डीएम से की थी लिखित शिकायत

एडीओ सुधीर कुमार का पूरा सेक्टर प्रभार वापस लिया

सोनभद्र सांसद छोटेलाल खरवार ने भी की थी पैरवी

अनिल सिंह, सिद्धार्थ और सुनील कुमार बने नए प्रभारी

चंदौली जिले के विकास खंड नौगढ़ में ग्राम प्रधानों की एकजुट आवाज का आखिरकार बड़ा असर देखने को मिला है। विकास कार्यों के सत्यापन में मनमानी करने, ग्राम प्रधानों पर अनावश्यक दबाव बनाने और प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली करने के गंभीर आरोपों को लेकर क्षेत्र के 10 ग्राम प्रधानों ने मोर्चा खोल दिया था। प्रधानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर जिलाधिकारी (डीएम) चंद्र मोहन गर्ग को एक शिकायती पत्र सौंपा था, जिस पर अब प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

सांसद ने भी दिया था प्रधानों का साथ
शिकायत के वक्त मौके पर सोनभद्र के सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार भी मौजूद थे। उन्होंने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर तुरंत कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। इसके बाद खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने त्वरित एक्शन लेते हुए एडीओ कोऑपरेटिव सुधीर कुमार से सेक्टर प्रभारी का पूरा प्रभार वापस ले लिया है। अब इन सभी ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी ब्लॉक के दूसरे ईमानदार अधिकारियों को बांट दी गई है।

विकास कार्यों को लटकाने का था आरोप
शिकायत करने वाले ग्राम प्रधानों का सीधा आरोप था कि एडीओ द्वारा विकास कार्यों के सत्यापन में जानबूझकर देरी की जा रही थी। कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की फाइलें लंबे समय से अटकी हुई थीं, जिसकी वजह से पंचायतों का सरकारी भुगतान रुक गया था। भुगतान न होने से गांवों के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए थे। कुछ प्रधानों ने खुलकर आरोप लगाया था कि सत्यापन को आगे बढ़ाने के लिए कथित रूप से अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा था।

प्रभार बचाने की कोशिशें हुईं नाकाम
अंदरूनी सूत्रों की मानें तो अपनी कुर्सी और सेक्टर प्रभारी का पद बचाने के लिए एडीओ साहब ने कई स्तरों पर वीआईपी जुगाड़ और पैरवी लगाने की कोशिश की थी। लेकिन 10 प्रधानों के भारी विरोध और जिलाधिकारी के सख्त रुख के आगे साहब की एक न चली। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन नया सेक्टर रोस्टर जारी होना यह साफ बताता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।

जानिए, अब किस अधिकारी को मिला कौन सा गांव

प्रशासन द्वारा जारी नए रोस्टर के मुताबिक अब तीन अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, जो इस प्रकार है:

अनिल कुमार सिंह (सहायक विकास अधिकारी): इन्हें देवदत्तपुर, देउरा, गढ़वा, जयमोहनी, सोनवार, मड़गांव, विशेषरपुर, चिकनी, बैरगाढ़, धनकुवारी कला, परसहवा, बजरडीहा, परसिया, गंगापुर, बरवसपुर, मंगरही और सेमर साधोपुर का प्रभार मिला है।

सिद्धार्थ सिंह (एडिओ समाज कल्याण): ये अब पिपराही, बोझ, जनकपुर, शमशेरपुर, ठठवा, भैंसोड़ा, बसौली, जरहर, बरवाडीह, लक्षिमनपुर, चमेरबांध, चुप्पेपुर, मरवटिया, बोदलपुर और मजगाई की जिम्मेदारी संभालेंगे।

सुनील कुमार (BO पीआरडी): इनके पास जयमोहनी पोस्ता, लौवारी कला, देवरी कला, अमदहां चरनपुर, गोलाबाद, मलेवर, देवखत, सेमरा कुशही, बाघी, रिठीया और जनकपुर क्षेत्र का जिम्मा होगा।

अब निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े प्रधान
एडीओ से प्रभार वापस लिए जाने के बाद अब पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि क्या इन गंभीर आरोपों की कोई विभागीय जांच होगी? ग्राम प्रधानों का कहना है कि उनका मकसद किसी अधिकारी को परेशान करना नहीं, बल्कि अपने गांवों में विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता और बिना किसी रिश्वतखोरी के समय पर पूरा करवाना है। अब देखना होगा कि नया रोस्टर नौगढ़ के गांवों के विकास को कितनी रफ्तार देता है।