ज्वाइन करते ही नए SDM एक्शन में! सरकारी रास्ते पर चली जेसीबी तो तहसील में गरजीं महिलाएं
नौगढ़ के लालतापुर गांव में दबंगों द्वारा सरकारी चकमार्ग खोदने से आक्रोशित ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंच गए। महिलाओं के प्रदर्शन के बाद नए एसडीएम अमरचंद वर्मा ने मौके पर पहुंचकर रास्ता बहाल कराने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सरकारी चकमार्ग पर चलाई गई जेसीबी
अनुसूचित बस्ती का रास्ता हुआ बंद
तहसील परिसर में ग्रामीणों का प्रदर्शन
कार्यभार संभालते ही नए SDM सख्त
तीन दिनों में कार्रवाई की चेतावनी
चंदौली जिले की तहसील नौगढ़ के बसौली ग्राम पंचायत अंतर्गत लालतापुर गांव में एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के वीरेंद्र, बृजेश और उनके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने हनुमानपुर सीमा से अनुसूचित बस्ती को जोड़ने वाले लगभग 700 मीटर लंबे सरकारी चकमार्ग को जेसीबी से खोदकर बंद कर दिया। रास्ता बंद होने से गरीब परिवारों, स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और मरीजों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया।
शिकायतों पर सुनवाई न होने पर तहसील में हंगामा
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ब्लॉक कार्यालय, राजस्व विभाग और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उनका धैर्य जवाब दे गया। शनिवार को महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में तहसील मुख्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने "रास्ता दो, न्याय दो" और "दबंगई बंद करो" के नारों से पूरा परिसर गुंजा दिया और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
पदभार संभालते ही नए SDM ने लिया बड़ा एक्शन
धरने और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही महज एक घंटे पहले कार्यभार संभालने वाले नए एसडीएम अमरचंद वर्मा खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं ध्यान से सुनीं और संबंधित अधिकारियों से तत्काल जवाब-तलब किया। एसडीएम ने खंड विकास अधिकारी और क्षेत्र के लेखपाल को तुरंत रास्ता बहाल कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए।
ग्रामीणों ने दी 3 दिन की चेतावनी
अनुसूचित बस्ती का रास्ता बंद होने से ग्रामीणों में काफी रोष है। प्रदर्शन में रविंद्र, बसंत लाल, मालती, उषा, संतु, शैलेश, संगीता, राधिका, शिवराती, राम आशीष और पाखंडू समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर रास्ता नहीं खोला गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे।