नौगढ़ में सांप के डसने से अचेत हुई महिला, ग्रामीणों ने झाड़-फूंक छोड़ पहुंचाया अस्पताल; जागरूकता से बची रीमा की जान

 

नौगढ़ के गोलाबाद गांव में सांप के काटने से अचेत हुई महिला को ग्रामीणों ने अंधविश्वास में पड़े बिना तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों द्वारा त्वरित इलाज और एंटी स्नेक वेनम देने से महिला की जान सुरक्षित बच गई।

 
 

नौगढ़ में सांप का हमला

झाड़-फूंक के बजाय अस्पताल

रीमा देवी की बची जान

एंटी स्नेक वेनम से इलाज

डॉक्टरों की विशेष चिकित्सीय अपील

तहसील नौगढ़ के अंतर्गत आने वाले गोलाबाद गांव में गुरुवार की सुबह सर्पदंश की एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां रहने वाले जोगिंदर की 35 वर्षीय पत्नी रीमा देवी सुबह करीब नौ बजे अपने घर में झाड़ू-बहाड़ू करने के बाद पास ही स्थित हैंडपंप पर स्नान करने के लिए जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में घनी झाड़ियों में छिपे एक विषैले सांप ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनके दाहिने पैर में डस लिया। सांप के काटते ही रीमा तेज दर्द के मारे चीख पड़ीं और वहीं जमीन पर गिरकर कुछ ही मिनटों में बेहोश हो गईं। घटना के वक्त उनके परिजन खेतों पर काम करने गए थे, लेकिन जब वे घर लौटे तो रीमा को अचेत अवस्था में देखकर पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

अंधविश्वास को छोड़ ग्रामीणों ने दिखाया साहस, सीधे पहुंचाया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
रीमा देवी के बेहोश होने के बाद हमेशा की तरह कुछ ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र का सहारा लेने की सलाह दी। हालांकि, इस बार गांव के जागरूक लोगों ने बिना एक भी पल गंवाए अंधविश्वास को दरकिनार करने का फैसला किया। उन्होंने तुरंत एक निजी वाहन का प्रबंध किया और पीड़ित महिला को लेकर सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगढ़ के लिए रवाना हो गए। अस्पताल ले जाते समय ग्रामीणों ने एक और समझदारी दिखाई; उन्होंने प्राथमिक उपचार के नियमों का पालन करते हुए महिला के प्रभावित पैर को दिल (हृदय) के स्तर से नीचे रखा, ताकि जहर शरीर में तेजी से न फैले।

दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद डॉक्टरों ने रीमा को दी नई जिंदगी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ पहुंचते ही वहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. सत्य सिंह ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए बिना देर किए इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रीमा देवी को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा और तत्काल एंटी स्नेक वेनम (जहर नाशक दवा) की डोज देनी शुरू की। चिकित्सा कर्मियों की करीब दो घंटे की लगातार कोशिशों और कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार रीमा देवी को होश आ गया। डॉक्टरों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि महिला की स्थिति अब पूरी तरह से खतरे से बाहर है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उन्हें अगले 24 घंटों के लिए डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।

सावन और बरसात के मौसम में डॉक्टरों ने जारी की विशेष हिदायत
इस सफल उपचार के बाद डॉ. सत्या सिंह ने आम जनमानस से एक बेहद जरूरी अपील की है। उन्होंने कहा कि सावन और भारी बरसात के इस मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण सांपों का बाहर निकलना काफी बढ़ जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को सांप काट लेता है, तो झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करना सीधे मौत को दावत देने जैसा है। उन्होंने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज के प्रभावित अंग को ज्यादा हिलाना-डुलाना नहीं चाहिए और जितना जल्दी हो सके नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाना चाहिए। समय पर मिलने वाला एंटी स्नेक वेनम ही मरीज की जान बचाने का एकमात्र वैज्ञानिक उपाय है।