दैनिक वेतन भोगियों को PCCF सुनील चौधरी का बड़ा भरोसा: सेवा समाप्त नहीं होगी, काम के हिसाब से मिलेगा दोगुना मानदेय

 

वन विभाग में आउटसोर्सिंग व्यवस्था के विरोध में लखनऊ के अरण्य भवन में दैनिक वेतन भोगियों का बड़ा प्रदर्शन हुआ। संघ के प्रदेश अध्यक्ष भोरिक यादव के नेतृत्व में पहुंचे कर्मचारियों को PCCF ने सेवा सुरक्षा और अतिरिक्त मानदेय का आश्वासन दिया।

 
 

नौगढ़ के लाल की लखनऊ में गर्जना

वन विभाग में आउटसोर्सिंग का विरोध

अरण्य भवन में दैनिक कर्मियों का धरना

PCCF सुनील चौधरी का बड़ा आश्वासन

सेवा सुरक्षा और दोगुने मानदेय का भरोसा

उत्तर प्रदेश वन विभाग में आउटसोर्सिंग व्यवस्था लागू करने के फैसले के विरोध में सोमवार को प्रदेश भर के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी एकजुट हुए। न्यूनतम दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के तत्वावधान में राजधानी लखनऊ स्थित अरण्य भवन पर एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन और गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष और चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र निवासी भोरिक यादव के आह्वान पर काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर-वाराणसी, चंदौली वन प्रभाग सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से भारी संख्या में कर्मचारी लखनऊ पहुंचे।

दो दशक से कर रहे रखवाली, अब रोजगार पर संकट क्यों: भोरिक यादव
लखनऊ में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष भोरिक यादव ने शासन और प्रशासन के रुख पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वन विभाग के दैनिक कर्मचारी पिछले 20 वर्षों से अपने प्राणों की बाजी लगाकर वनों, पौधरोपण और वन्यजीवों की सुरक्षा का जिम्मा संभाले हुए हैं। जनपद स्तर पर वन संरक्षण का संपूर्ण कार्य इन्हीं के कंधों पर टिका है। उन्होंने याद दिलाया कि 5 मार्च के शासनादेश में शासन ने आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा समाप्त करने की बात कही थी, इसके बावजूद विभाग में निजी कंपनियों को लाना बिल्कुल गलत और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि आउटसोर्सिंग को तुरंत समाप्त कर सभी कर्मियों को नियमित किया जाए।

PCCF ने दिया भरोसा- किसी भी कर्मी की सेवा समाप्त नहीं होगी
कर्मचारियों के उग्र रुख को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) सुनील चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में सभा में पहुंचे और कर्मचारियों से संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी धैर्य बनाए रखें, किसी भी कर्मचारी की सेवा समाप्त नहीं की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि सभी कर्मियों का बीमा कराया जाएगा और मानदेय काम के आधार पर तय होगा। अधिक परिश्रम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय तथा काम के अनुसार दोगुना तक मानदेय प्राप्त हो सकता है।

अवशेष कर्मचारियों के विनियमितीकरण का मिला आश्वासन
PCCF सुनील चौधरी ने कहा कि विनियमितीकरण कर्मचारियों का अधिकार है, जिसे प्रदेश के सभी प्रभागीय वनाधिकारियों (DFO) और मुख्य वन संरक्षकों से वार्ता करके क्रियान्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी अभी शेष रह गए हैं, उनका भी विनियमितीकरण शीघ्र पूरा कराया जाएगा। उन्होंने माना कि जिला स्तर पर वन और वन्यजीवों के संरक्षण में दैनिक कर्मियों का योगदान अतुलनीय है और विभाग उनके हितों का पूरा ध्यान रखेगा।

संघर्ष रहेगा जारी, अंतिम कर्मी तक न्याय की लड़ाई: रमाशंकर सिंह
अधिवेशन के अंत में संगठन के संरक्षक रमाशंकर सिंह यादव ने पधारे हुए उच्च अधिकारियों और कर्मचारी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि PCCF महोदय का आश्वासन सकारात्मक है, लेकिन यह संघर्ष का अंतिम पड़ाव नहीं है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि जब तक अंतिम दैनिक कर्मचारी को नियमित नहीं कर दिया जाता और प्रत्येक साथी को उसका हक नहीं मिलता, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।